सुपौल जिले के वीरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत वीरपुर–भीमनगर मुख्य मार्ग पर मंगलवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में कोसी उपचार केंद्र के संचालक बिनोद मेहता की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने मुख्य सड़क को जाम कर दिया और उचित मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। मृतक की पहचान रतनपुर थाना क्षेत्र के भगवानपुर वार्ड संख्या 10 निवासी बिनोद मेहता के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बिनोद मेहता वीरपुर में कोसी उपचार केंद्र का संचालन करते थे। मंगलवार को वे अपनी पत्नी और बच्चे को भगवानपुर स्थित घर छोड़कर वापस वीरपुर लौट रहे थे। इसी दौरान वीरपुर दिघी पुल के समीप एक तेज रफ्तार बस ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई। अधिकारी अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया
स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अनुमंडलीय अस्पताल वीरपुर ले जाया गया, जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक नीरज कुमार सिंह, वीरपुर एसडीएम नीरज कुमार, एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। घटना से गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस को वापस घटनास्थल पर लाकर वीरपुर-भीमनगर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से दोषी वाहन चालक की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। परिजनों को समझाने का प्रयास किया जा रहा
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सुपौल भेज दिया है। एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है तथा परिजनों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। सुपौल जिले के वीरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत वीरपुर–भीमनगर मुख्य मार्ग पर मंगलवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में कोसी उपचार केंद्र के संचालक बिनोद मेहता की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने मुख्य सड़क को जाम कर दिया और उचित मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। मृतक की पहचान रतनपुर थाना क्षेत्र के भगवानपुर वार्ड संख्या 10 निवासी बिनोद मेहता के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बिनोद मेहता वीरपुर में कोसी उपचार केंद्र का संचालन करते थे। मंगलवार को वे अपनी पत्नी और बच्चे को भगवानपुर स्थित घर छोड़कर वापस वीरपुर लौट रहे थे। इसी दौरान वीरपुर दिघी पुल के समीप एक तेज रफ्तार बस ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई। अधिकारी अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया
स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अनुमंडलीय अस्पताल वीरपुर ले जाया गया, जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक नीरज कुमार सिंह, वीरपुर एसडीएम नीरज कुमार, एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। घटना से गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस को वापस घटनास्थल पर लाकर वीरपुर-भीमनगर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से दोषी वाहन चालक की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। परिजनों को समझाने का प्रयास किया जा रहा
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सुपौल भेज दिया है। एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है तथा परिजनों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।


