बिहार के खेल जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। भारतीय भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) टीम के मुख्य राष्ट्रीय कोच और ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू के कोच विजय कुमार ने राजगीर स्थित राज्य खेल अकादमी के बुनियादी ढांचे की जमकर सराहना की है। उनके सकारात्मक फीडबैक के बाद अब बिहार में वेटलिफ्टिंग का ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरी अकादमी भारतीय वेटलिफ्टिंग महासंघ (WFI) के निर्देश पर विजय कुमार ने राजगीर स्थित राज्य खेल अकादमी के हॉल नंबर-3 का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यहां उपलब्ध आधुनिक उपकरणों और विश्वस्तरीय सुविधाओं का जायजा लिया। बुनियादी ढांचे से संतुष्ट नजर आए मुख्य कोच ने स्पष्ट किया कि यहां की सुविधाएं किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता या राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर (नेशनल कैंप) के आयोजन के लिए पूरी तरह उपयुक्त हैं। जल्द होगा एमओयू (MOU) पर हस्ताक्षर विजय कुमार की इस रिपोर्ट के आधार पर भारतीय वेटलिफ्टिंग महासंघ और बिहार सरकार के बीच जल्द ही एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत राजगीर में वेटलिफ्टिंग का ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित किया जाएगा। इस केंद्र के खुलने से न केवल बिहार के उभरते हुए खिलाड़ियों को ओलंपिक स्तर की ट्रेनिंग मिलेगी, बल्कि राज्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का मौका भी मिलेगा। खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद मुख्य कोच की इस यात्रा और उनके सकारात्मक रुख ने स्थानीय खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों में उत्साह भर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर राजगीर में नेशनल कैंप लगता है, तो बिहार के युवाओं को देश के दिग्गज वेटलिफ्टर्स के साथ अभ्यास करने का सीधा अवसर मिलेगा, जो राज्य में खेल संस्कृति को बदलने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा। बिहार के खेल जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। भारतीय भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) टीम के मुख्य राष्ट्रीय कोच और ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू के कोच विजय कुमार ने राजगीर स्थित राज्य खेल अकादमी के बुनियादी ढांचे की जमकर सराहना की है। उनके सकारात्मक फीडबैक के बाद अब बिहार में वेटलिफ्टिंग का ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरी अकादमी भारतीय वेटलिफ्टिंग महासंघ (WFI) के निर्देश पर विजय कुमार ने राजगीर स्थित राज्य खेल अकादमी के हॉल नंबर-3 का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यहां उपलब्ध आधुनिक उपकरणों और विश्वस्तरीय सुविधाओं का जायजा लिया। बुनियादी ढांचे से संतुष्ट नजर आए मुख्य कोच ने स्पष्ट किया कि यहां की सुविधाएं किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता या राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर (नेशनल कैंप) के आयोजन के लिए पूरी तरह उपयुक्त हैं। जल्द होगा एमओयू (MOU) पर हस्ताक्षर विजय कुमार की इस रिपोर्ट के आधार पर भारतीय वेटलिफ्टिंग महासंघ और बिहार सरकार के बीच जल्द ही एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत राजगीर में वेटलिफ्टिंग का ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित किया जाएगा। इस केंद्र के खुलने से न केवल बिहार के उभरते हुए खिलाड़ियों को ओलंपिक स्तर की ट्रेनिंग मिलेगी, बल्कि राज्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का मौका भी मिलेगा। खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद मुख्य कोच की इस यात्रा और उनके सकारात्मक रुख ने स्थानीय खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों में उत्साह भर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर राजगीर में नेशनल कैंप लगता है, तो बिहार के युवाओं को देश के दिग्गज वेटलिफ्टर्स के साथ अभ्यास करने का सीधा अवसर मिलेगा, जो राज्य में खेल संस्कृति को बदलने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा।


