Rajasthan Holi : राजस्थान में घर से बाजार तक इस बार होली का उत्साह दोगुना है। बाजार में रंग-गुलाल की खरीदारी जोरों पर रही सुबह से देर रात तक बाजार में रंग-गुलाल, पिचकारी, हर्बल कलर और होली गिफ्ट पैक्स की जमकर बिक्री हुई। व्यापारियों का अनुमान है कि सिर्फ जयपुर में ही इस बार होली पर डेढ़ हजार करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार हुआ, जबकि पूरे प्रदेश में करीब 5 हजार करोड़ रुपए के व्यापार की उम्मीद जताई है।
त्रिपोलिया, किशनपोल, चांदपोल बाजार सहित बाहरी बाजारों में राजापार्क, मानसरोवर, झोटवाड़ा, वैशाली नगर, मालवीय नगर जैसे इलाकों में जगह-जगह रंग-गुलाल की स्थायी व अस्थायी दुकानें लगीं। इन दुकानों पर इस बार 16 अलग-अलग रंगों की गुलाल मिली।
इस बार पारंपरिक गुलाबी और लाल के साथ-साथ पर्पल, टर्क्वाइज, ऑरेंज, येलो, ग्रीन और मल्टीकलर पैक्स खास आकर्षण बने। बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर वाली पिचकारियां और युवाओं के लिए प्रीमियम हर्बल गुलाल की मांग ज्यादा रही।
इस बार मांग 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ी
व्यापारियों के अनुसार पिछले दो वर्षों की तुलना में इस बार बाजार में बेहतर रौनक है। गुलाल के थोक विक्रेता राकेश गुप्ता का कहना है कि इस बार मांग 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ी है। खासकर हर्बल और स्किन-फ्रेंडली रंगों की बिक्री अच्छी हुई है। ग्राहकों का रुझान अब केमिकल-फ्री उत्पादों की ओर अधिक दिख रहा है। घर-परिवारों में होली मिलन और कॉर्पोरेट ऑफिसों में फेस्टिव सेलिब्रेशन के चलते गिफ्ट पैक और ड्राई कलर किट की मांग बढ़ी है।
160 रुपए किलो तक बिक रही गुलाल
बाजार में 200 ग्राम से लेकर एक किलो तक के गुलाल के पैकेट तैयार मिले। अरारोट की गुलाल 120 से 200 रुपए किलो में बाजार में बिकी। इसके गिफ्ट पैक भी आ गए हैं। वहीं सादा गुलाल 60 से 100 रुपए किलो बिकी। जबकि गुलाल गोटे 6 पीस का पैकेट 180 से 300 रुपए तक बाजार में बिका।
मिठाई और नमकीन की दुकानों पर भी भीड़
बाजार में मिठाई और नमकीन की दुकानों पर भी भीड़ नजर आई, जिससे मिठाई कारोबारियों के चेहरे खिले हुए हैं। यह त्योहार शहर की अर्थव्यवस्था को व्यापक स्तर पर गति देता है।
प्रदेशभर में 5 हजार करोड़ का हुआ कारोबार
होली पर इस बार जयपुर में डेढ़ हजार करोड़ का कारोबार की उम्मीद है, प्रदेशभर में 5 हजार करोड़ का रंग-गुलाल आदि का कारोबार होने की संभावना है। देशभर में होली पर लगभग 80 हजार करोड़ रुपए का व्यापार होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक है।
सुभाष गोयल, अध्यक्ष, जयपुर व्यापार महासंघ


