पटना में बनेंगे 44 मॉडर्न शौचालय-यूरिनल:4.16 करोड़ रुपए होंगे खर्च, शौचालयों के मेंटेनेंस के लिए बनेगी स्पेशल मॉनिटरिंग सेल

पटना में बनेंगे 44 मॉडर्न शौचालय-यूरिनल:4.16 करोड़ रुपए होंगे खर्च, शौचालयों के मेंटेनेंस के लिए बनेगी स्पेशल मॉनिटरिंग सेल

पटना में 44 आधुनिक शौचालय और यूरिनल बनाए जाएंगे। पटना नगर निगम ने शहर की स्वच्छता रैंकिंग सुधारने और नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर यह निर्णय लिया है। पूरी परियोजना पर लगभग 4.16 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इन सुविधाओं का निर्माण आधुनिक मानकों के अनुसार किया जाएगा। इसके 1 साल तक के बेहतर संचालन और रख-रखाव की जिम्मेदारी भी संबंधित एजेंसियों को सौंपी गई है। वर्तमान में कई स्थानों पर निर्माण कार्य 50 से 65 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए केंद्रीय टीम पहुंचेगी पटना इसी महीने स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए केंद्रीय टीम के निरीक्षण के लिए पहुंचेगी। इसे देखते हुए नगर निगम ने शहर के सभी छह अंचलों में 44 एस्पिरेशनल यूरिनल और शौचालयों के निर्माण का निर्णय लिया है। शहरी क्षेत्र में बढ़ती आबादी के दबाव और खुले में पेशाब करने की समस्या से निजात दिलाने के लिए यह पहल की गई है। निगम का मानना है कि इन सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण से न सिर्फ शहर साफ दिखेगा, बल्कि स्वच्छता सर्वेक्षण में पटना की रैंकिंग भी बेहतर होगी। सभी जोनल अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि काम की गुणवत्ता और समय सीमा में कोई समझौता न किया जाए।

सबसे अधिक पाटलिपुत्र और नूतन राजधानी अंचल में हो रहा निर्माण शौचालयों का मेंटेनेंस निगम की सबसे बड़ी चुनौती है। इसे देखते हुए निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल निर्माण काफी नहीं है, उनका नियमित उपयोग और साफ-सफाई अनिवार्य है। इसके लिए विशेष मॉनिटरिंग सेल बनाया गया है। परियोजना के तहत नूतन राजधानी और पाटलिपुत्र अंचल में सबसे अधिक 9-9 स्थानों पर यूरिनल बनाए जा रहे हैं। वहीं, बांकीपुर-कंकड़बाग में 8-8 और अजीमाबाद-पटना सिटी अंचल में 5-5 स्थलों का चयन किया गया है। पुराने शौचालयों की मरम्मत के लिए भी अलग से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पटना में 44 आधुनिक शौचालय और यूरिनल बनाए जाएंगे। पटना नगर निगम ने शहर की स्वच्छता रैंकिंग सुधारने और नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर यह निर्णय लिया है। पूरी परियोजना पर लगभग 4.16 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इन सुविधाओं का निर्माण आधुनिक मानकों के अनुसार किया जाएगा। इसके 1 साल तक के बेहतर संचालन और रख-रखाव की जिम्मेदारी भी संबंधित एजेंसियों को सौंपी गई है। वर्तमान में कई स्थानों पर निर्माण कार्य 50 से 65 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए केंद्रीय टीम पहुंचेगी पटना इसी महीने स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए केंद्रीय टीम के निरीक्षण के लिए पहुंचेगी। इसे देखते हुए नगर निगम ने शहर के सभी छह अंचलों में 44 एस्पिरेशनल यूरिनल और शौचालयों के निर्माण का निर्णय लिया है। शहरी क्षेत्र में बढ़ती आबादी के दबाव और खुले में पेशाब करने की समस्या से निजात दिलाने के लिए यह पहल की गई है। निगम का मानना है कि इन सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण से न सिर्फ शहर साफ दिखेगा, बल्कि स्वच्छता सर्वेक्षण में पटना की रैंकिंग भी बेहतर होगी। सभी जोनल अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि काम की गुणवत्ता और समय सीमा में कोई समझौता न किया जाए।

सबसे अधिक पाटलिपुत्र और नूतन राजधानी अंचल में हो रहा निर्माण शौचालयों का मेंटेनेंस निगम की सबसे बड़ी चुनौती है। इसे देखते हुए निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल निर्माण काफी नहीं है, उनका नियमित उपयोग और साफ-सफाई अनिवार्य है। इसके लिए विशेष मॉनिटरिंग सेल बनाया गया है। परियोजना के तहत नूतन राजधानी और पाटलिपुत्र अंचल में सबसे अधिक 9-9 स्थानों पर यूरिनल बनाए जा रहे हैं। वहीं, बांकीपुर-कंकड़बाग में 8-8 और अजीमाबाद-पटना सिटी अंचल में 5-5 स्थलों का चयन किया गया है। पुराने शौचालयों की मरम्मत के लिए भी अलग से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।  

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