बहस के बाद बांस से किया हमला, भाई गोपी को बचाने की कोशिश की तो आरोपियों ने मुझे भी पीटा

बहस के बाद बांस से किया हमला, भाई गोपी को बचाने की कोशिश की तो आरोपियों ने मुझे भी पीटा

भास्कर न्यूज | अमृतसर थाना सदर के अधीन आते आशियाना कॉलोनी में मकान मालिक ने बकाया पेमेंट मांगने गए पेंटर की रॉड से सिर पर वार करके हत्या कर दी। मृतक की पहचान गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी (30) निवासी बाबा दीप सिंह कॉलोनी नंगली के रूप में हुई है। घटना सोमवार दोपहर 2 बजे की है। मौके पर मौजूद गोपी के चचेरे भाई ने बचाने की कोशिश की मगर आरोपियों उस पर भी हमला कर दिया तो उसने भागकर जान बचाई। गोपी पेटिंग का काम करने के साथ ठेके भी लेता था। हमले में सिर में चोट लगने से घायल गोपी को तीसरा वर्कर साथी बाइक पर पीछे बैठाकर खुद के साथ रस्सी से बांध जीएनडीएच पहुंचा, जहां डाक्टरों ने गोपी को मृत घोषित कर दिया। सोमवार सुबह पेंट का काम करने के लिए मकान मालिक राजावत के घर गए थे। घर के ऊपरी मंजिल पर मैं, चचेरा भाई गुरप्रीत और एक साथी गगन, तीनों काम कर रहे थे। दोपहर तकरीबन डेढ़ बजे गोपी ने काम की बकाया पेमेंट मांगी। मकान मालिक ने कहा कि पहले दीवार को पेंट करो तो गोपी ने कहा कि पेंट हो जाएगा, मगर आप पहले पैसे दो। उस वक्त मकान मालिक ने 5 हजार रुपए दिए, गोपी ने कहा कि यह बहुत कम हैं, 80 हजार लेने वाले हैं। फिर मालिक ने पैसे देने से मना कर दिया और दोनों में बहस शुरू हो गई। बहस की आवाज सुनी तो नीचे गोपी के पास आ गया। मैंने मकान मालिक और गोपी को झगड़ा न करने के बारे में समझाया, मगर मकान मालिक ने गोपी के साथ हाथापाई शुरू कर दी। इतने में आरोपी मकान मालिक की दुकान में काम करने वाले 6/7 वर्कर घर के ऊपरी मंजिल पर रहते हैं, वह नीचे आए और बांस से गोपी पर वार करने शुरू कर दिए। मैं भाई को बचाने के लिए आगे हुआ तो उन्होंने मुझपर भी बांस से हमला कर दिया। मैंने पैदल ही भागकर अपनी जान बचाई। बाद में गगन ने कॉल करके बताया कि आरोपियों ने सिर पर रॉड मारकर गोपी की हत्या कर दी है। गगन ही वहां से गोपी को अस्पताल लेकर पहुंचा था। मैं अपने भाई की जान को बचा नहीं सका। -जैसा मृतक के चचेरे भाई हरप्रीत सिंह ने बताया मृतक गुरप्रीत की मां आशा रानी ने कहा कि क्या अपना पैसा मांगना अपराध है। बेटा पेंटर का काम करता था। उसने मकान में पेंट करने का ठेका लिया था। मालिक से बकाया राशि ही मांगी थी कि बेटे की हत्या कर दी। 3 बेटों में गोपी सबसे बड़ा था। उसकी शादी पौने 2 साल पहले प्रिया से हुई थी। अभी डेढ़ माह पहले ही गोपी को बेटी हुई। घर में अभी खुशी का माहौल चल रहा था जो मातम में बदल गया। एसआई मनतेज सिंह ने बताया कि आरोपी अभी फरार चल रहे हैं। आरोपी मकान मालिक रवजात की पत्नी को हिरासत में लिया गया। घर में सीसीटीवी लगे थे जिसका डीवीआर कब्जे में ले लिया है।

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