मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) द्वारा आयोजित आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा-2024 में बड़े स्तर पर गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। मंडल ने 12 अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। ये सभी अभ्यर्थी रतलाम स्थित ‘रतलाम पब्लिक स्कूल’ परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने पहुंचे थे, जिसे इस परीक्षा के लिए पहली बार केंद्र बनाया गया था। जांच में सामने आया कि इन अभ्यर्थियों ने कंप्यूटर आधारित परीक्षा में असामान्य रूप से तेज गति दिखाई। दो घंटे की परीक्षा में किसी ने 15 तो किसी ने 30 मिनट में ही 100 प्रश्न हल कर दिए और शेष समय बिना किसी गतिविधि के बैठे रहे। उनकी इस असामान्य प्रदर्शन ने अधिकारियों को संदेह में डाल दिया। सीसीटीवी की जांच में एक व्यक्ति अभ्यर्थियों को नकल कराते हुए नजर आया। टॉपरों के डेटा की जांच में हुआ खुलासा मंडल ने 5 फरवरी को परिणाम जारी करने से पहले उच्च पर्सेंटाइल प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के डेटा की जांच की। जांच में पाया गया कि ये सभी 12 अभ्यर्थी पहले पुलिस भर्ती और अन्य परीक्षाओं में शामिल हो चुके थे, लेकिन तब इनके अंक 50 से भी कम थे। वहीं, इस परीक्षा में अचानक 90 से अधिक अंक प्राप्त कर 100 पर्सेंटाइल हासिल कर लिया। एक ही केंद्र में अलग-अलग शिफ्ट में परीक्षा सीसीटीवी फुटेज और परीक्षा लॉग डेटा की जांच में यह भी सामने आया कि इन अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर किसी एक व्यक्ति की मदद मिली थी। खास बात यह है कि ये सभी अभ्यर्थी अलग-अलग तारीखों और शिफ्ट में परीक्षा देने पहुंचे थे, लेकिन उनका परीक्षा केंद्र एक ही था और मदद करने वाला भी एक ही व्यक्ति बताया जा रहा है। कैंडिडेट बिना हलचल किए बैठे रहे जांच में यह भी पाया गया कि इन अभ्यर्थियों ने परीक्षा के दौरान न तो रफ वर्क किया और न ही कंप्यूटर स्क्रीन पर सामान्य गतिविधि दिखाई। अधिकांश समय वे बिना किसी हलचल के बैठे रहे और निर्धारित समय में केवल उत्तर विकल्पों को चुनते रहे। मंडल के अनुसार यह स्पष्ट रूप से सुनियोजित तरीके से की गई नकल या बाहरी मदद की ओर संकेत करता है। इससे पूरे मामले में संगठित गिरोह की आशंका जताई जा रही है। 5 फरवरी को हुई थी परीक्षा ईएसबी ने यह परीक्षा 9 सितंबर से 21 सितंबर 2025 के बीच भोपाल, इंदौर, रतलाम सहित 11 शहरों में आयोजित की थी। भर्ती के लिए 2,40,010 अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी किए गए थे, जिनमें से 1,10,032 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा का परिणाम 5 फरवरी को घोषित किया गया था। सिस्टम एनालिस्ट की शिकायत पर कार्रवाई प्रिंसिपल सिस्टम एनालिस्ट प्रणीत सिजरिया ने आवेदन देकर पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परीक्षा प्रक्रिया के विश्लेषण के दौरान असामान्य परिणाम सामने आए थे। इसके बाद तकनीकी जांच में गड़बड़ी की पुष्टि हुई। भोपाल में दर्ज हुआ केस, डायरी रतलाम भेजी इस संबंध में एमपी नगर थाना में शून्य पर जालसाजी का प्रकरण दर्ज किया गया था। घटना स्थल रतलाम होने के कारण केस डायरी वहां स्थानांतरित कर दी गई है। पुलिस ने 12 अभ्यर्थियों सहित अन्य संदिग्धों को आरोपी बनाया है। कोचिंग सेंटर की भूमिका भी जांच के दायरे में पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस फर्जीवाड़े में एक बड़े कोचिंग सेंटर संचालक की भूमिका संदिग्ध पाई जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आरोपियों की संख्या बढ़ने से इनकार नहीं किया गया है।


