रतलाम में सबसे पहले प्राचीन होलिका का दहन

रतलाम में सबसे पहले प्राचीन होलिका का दहन

रतलाम. होली पर्व की धूम शुरू हो गई, परम्परागत त्योहार मनाने के लिए लोगों में उत्साह देखते ही बन रहा हैं। सोमवार को शहर से लेकर ग्रामीण अंचल में होलिका दहन किया गया। शहर में सबसे प्राचीन परम्परानुसार शाम साढ़े छह बजे शुभ मुहूर्त में डालूमोदी बाजार चौराहे पर विधि विधान से क्षेत्रवासियों ने पूजा अर्चना होलिका का दहन किया।
महिला-पुरुषों ने परिक्रमा जल अर्पण करते हुए पूजा की दहन प्रक्रिया पूर्ण की। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में कंडे, लकड़ी तो कहीं नारियल की होलिका बनाकर दहन करने का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। मंगलवार को चंद्रग्रहण रहेगा। इस कारण कुछ समाजजनों की ओर से गैर निकालकर धुलेंडी पर्व मनाया जाएगा तो कुछ 4 मार्च को मनाएंगे। गमी वाले परिवार में रंग-गुलाल का सिलसिला सोमवार से शुरू हो चुका था।

मार्केट में रही रंग-गुलाल की दुकानों पर भीड़
शहर में मार्केट में बच्चों से लेकर बड़ों ने धुलेंडी पर रंग गुलाल उड़ाने और लगाने के लिए जमकर खरीदारी की। प्रमुख रूप से माणकचौक, घास बाजार, शहर सराय, दो बत्ती न्यू रोड, राम मंदिर क्षेत्र में सजी पिचकारियों और रंग-गुलाल की दुकानों शाम होते ही भीड़ उमडऩे लगी थी। होलिका दहन में लोगों ने परम्परागत गेहूं की उंबियों का भुनकर सेवन किया, पूरे नारियल चढ़ाकर परिवार में सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

4 मार्च को निकालेगा ढूंढ
श्रीश्रीमाली ब्राह्मण समाज 4 मार्च को पारंपरिक ढूंढ मनाते हुए गैर निकालेगा। समाज जहां बच्चों का जन्म हुआ घर-घर जाकर जाकर वैदिक मंत्रोच्चार द्वारा ढूंढा जाएगा। गैर दोपहर 2.30 बजे श्रीमाली वास स्थित महालक्ष्मी परिसर से पूर्णेश्वर महादेव के बाहर से शुरू होगी।

आज मनेगी धुलेंडी
महालक्ष्मीनारायण मंदिर पर सोमवार शाम पं. दीपक व्यास की उपस्थिति में क्षेत्रवासियों ने शाम 6.30 से 8.45 बजे मध्य शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया। 3 मार्च को धुलेंडी मनाई जाएगी।

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