बोकारो जिले के चास उपनगर स्थित संध्या होंडा वर्कशॉप के पीछे सोमवार को भीषण आग लग गई। इस घटना में वर्कशॉप में रखी स्क्रैप सामग्री और अनुपयोगी वाहन जलकर खाक हो गए। आग की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग को मुख्य वर्कशॉप तक फैलने से रोक दिया अग्निशमन विभाग की गाड़ी को चास के महावीर चौक पर जाम के कारण मौके पर पहुंचने में कुछ विलंब हुआ। हालांकि, स्टाफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आग को मुख्य वर्कशॉप तक फैलने से रोक दिया, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। संध्या होंडा के मालिक दीपक डे ने बताया कि आग की चपेट में पुरानी गाड़ियां, जेनरेटर और विभिन्न वाहन पार्ट्स आए थे। उन्होंने प्रारंभिक आकलन के अनुसार, लगभग 50 हजार रुपए के नुकसान की संभावना जताई है, हालांकि वास्तविक क्षति का आंकलन अभी जारी है। वर्कशॉप के पास फायर अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं था: अग्निशमन अधिकारी अग्निशमन अधिकारी मोहम्मद जुनैल ने बताया कि वर्कशॉप के पास फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि पर्याप्त अग्नि सुरक्षा उपाय और अग्निशामक यंत्र मौजूद होते, तो आग पर और जल्दी काबू पाया जा सकता था और अग्निशमन विभाग को बुलाने की आवश्यकता भी नहीं पड़ती। इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है। बोकारो जिले के चास उपनगर स्थित संध्या होंडा वर्कशॉप के पीछे सोमवार को भीषण आग लग गई। इस घटना में वर्कशॉप में रखी स्क्रैप सामग्री और अनुपयोगी वाहन जलकर खाक हो गए। आग की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग को मुख्य वर्कशॉप तक फैलने से रोक दिया अग्निशमन विभाग की गाड़ी को चास के महावीर चौक पर जाम के कारण मौके पर पहुंचने में कुछ विलंब हुआ। हालांकि, स्टाफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आग को मुख्य वर्कशॉप तक फैलने से रोक दिया, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। संध्या होंडा के मालिक दीपक डे ने बताया कि आग की चपेट में पुरानी गाड़ियां, जेनरेटर और विभिन्न वाहन पार्ट्स आए थे। उन्होंने प्रारंभिक आकलन के अनुसार, लगभग 50 हजार रुपए के नुकसान की संभावना जताई है, हालांकि वास्तविक क्षति का आंकलन अभी जारी है। वर्कशॉप के पास फायर अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं था: अग्निशमन अधिकारी अग्निशमन अधिकारी मोहम्मद जुनैल ने बताया कि वर्कशॉप के पास फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि पर्याप्त अग्नि सुरक्षा उपाय और अग्निशामक यंत्र मौजूद होते, तो आग पर और जल्दी काबू पाया जा सकता था और अग्निशमन विभाग को बुलाने की आवश्यकता भी नहीं पड़ती। इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है।


