संभल के सिरसी कस्बे से ईरान में पढ़ाई कर रहे लगभग 200-300 लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई पर हुए कथित हमले के बाद सिरसी में आक्रोश देखा गया और विरोध प्रदर्शन करते हुए कैंडल मार्च निकाला गया। नगर पंचायत सिरसी के मोहल्ला सादक सराय निवासी मोहम्मद फहमान नकवी ने बताया कि उनके बड़े भाई मौलाना गुफरान नकवी पिछले लगभग दो साल से ईरान की एक यूनिवर्सिटी में इस्लामिक और धार्मिक पढ़ाई के साथ-साथ डॉक्टरी की पढ़ाई भी कर रहे हैं। मोहम्मद फहमान नकवी के अनुसार, हमलों के बाद भी उनकी अपने भाई से बातचीत हुई थी। उनके भाई ने बताया कि ईरान में स्थिति सामान्य है और कोई परेशानी नहीं है। हमले के बाद भी लोग खरीदारी कर रहे थे और घबराने जैसी कोई बात नहीं थी।
नकवी ने इजरायल और अमेरिका पर आरोप लगाया कि उन्होंने कायरतापूर्ण तरीके से हमला किया। उन्होंने कहा कि यह हमला उस समय हुआ जब ईरान, इजरायल और अमेरिका के रक्षा मंत्रियों के बीच बातचीत चल रही थी। नकवी ने इस कार्रवाई को बहादुरी की मिसाल नहीं बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना से केवल शिया समुदाय ही नहीं, बल्कि मानवता रखने वाला हर व्यक्ति दुखी है। सिरसी से ईरान गए लगभग 200-300 लोग विभिन्न विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत हैं। इनमें से कुछ लोग एमबीबीएस की तैयारी कर रहे हैं, क्योंकि तेहरान यूनिवर्सिटी को डॉक्टरी की पढ़ाई के लिए बेहतर माना जाता है। अन्य छात्र इस्लामिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। सभी छात्र फिलहाल सुरक्षित बताए जा रहे हैं।


