गुरदासपुर जिले में दीनानगर के गांव अवांखा में एक 42 वर्षीय व्यक्ति सतवंत सिंह उर्फ हैप्पी की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। परिवार ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही उसका अंतिम संस्कार करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने श्मशानघाट पहुंचकर जलती चिता बुझाकर शव को अपने कब्जे में ले लिया। घटना की सूचना मिलने पर थाना दीनानगर के एसएचओ अमृतपाल सिंह रंधावा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस के पहुंचने तक चिता को अग्नि दी जा चुकी थी। पुलिस ने तुरंत आग बुझाकर अंतिम संस्कार रुकवाया और शव को चिता से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल गुरदासपुर भेज दिया। लोगी लगने से युवक की हुई थी मौत मृतक की पहचान गांव अवांखा निवासी सतवंत सिंह उर्फ हैप्पी (42) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, सतवंत सिंह की दोपहर बाद अचानक गोली लगने से मौत हो गई थी। उसकी पत्नी डिंपी चार महीने पहले आर्मेनिया में नौकरी करने गई है और उनका एक ढाई साल का बेटा भी है।
अंतिम संस्कार रुकवाकर शव को कब्जे में लिया एसएचओ अमृतपाल सिंह रंधावा ने बताया कि पुलिस को गोली लगने से एक व्यक्ति की मौत की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि गांव अवांखा के श्मशानघाट में मृतक का अंतिम संस्कार किया जा रहा था, जिसे रुकवाकर शव को कब्जे में लिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई एसएचओ ने बताया कि शव के कुछ हिस्सों पर कालापन होने के कारण शरीर में लगी गोलियों की पुख्ता जानकारी अभी सामने नहीं आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, मृतक के शरीर में दो से तीन गोलियां लगी होने की आशंका है, जिसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगी।


