आरा के मिश्र टोला में सनातन योग संस्थान की ओर से भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पारंपरिक फगुआ गीतों की गूंज और रंग-अबीर की खुशबू ने पूरे माहौल को खुशनुमा बना दिया। होली मिलन में शामिल सभी अतिथियों का स्वागत भोजपुर की पहचान गमछा देकर किया गया, जिससे कार्यक्रम में क्षेत्रीय संस्कृति की झलक साफ दिखाई दी। गायक विशेश्वर लाल सिन्हा ने अपनी मधुर आवाज में पारंपरिक होली गीतों की प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। उनके गीतों पर लोग झूमते नजर आए और पूरा वातावरण फगुआ की उमंग से भर उठा। कार्यक्रम में आए लोगों के लिए संस्थान की ओर से पारंपरिक व्यंजन मालपुआ और ठंडई की विशेष व्यवस्था भी की गई थी, जिसका सभी ने आनंद लिया। पारंपरिक लोक गीत प्रस्तुति संस्थान के सदस्यों ने बताया कि पूरे वर्ष रमना मैदान में नियमित योगाभ्यास करते हैं और मौसम चाहे कोई भी हो, सभी सदस्य एक परिवार की तरह जुड़े रहते हैं। यही कारण है कि हर छोटे-बड़े त्योहार और लोक परंपरा को सामूहिक रूप से उत्साहपूर्वक मनाते हैं। इस होली मिलन समारोह में महिलाओं और बच्चियों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली। ‘रंग बरसे चुनरिया अंगना में’ और ‘पीछे ली हरदिया ब्रिज में होली खेले रंग रसिया’ जैसे पारंपरिक लोक गीत प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया। समारोह में प्रेम-भाईचारे का संदेश दिया कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और आपसी प्रेम-भाईचारे का संदेश दिया। संस्थान के पदाधिकारियों ने कहा कि लोक परंपराओं के संरक्षण और उन्हें जीवित रखने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। खास बात यह है कि संस्थान में अधिकांश सदस्य सेवानिवृत्त लोग हैं, जिनके साथ उनके परिवार के सदस्य भी सक्रिय रूप से जुड़ते हैं। इस अवसर पर अध्यक्ष विनय ओझा, सचिव विशेश्वर लाल सिन्हा, कोषाध्यक्ष जीतन पाण्डेय, अजय कुमार, अशोक सिंह, लाल सिंह, सुमेश्वर लाल, विजय सिंह, राधामोहन मिश्रा, अनिल सिंह, प्रीति, विभा, मनीषा, रूपा, जया, पलक, साधुआईन, पुष्पा, बेबी और कंचन वर्मा सहित कई सदस्य मौजूद रहे। समारोह में पारंपरिक होली की खुशबू, लोक गीतों की मधुरता और सामूहिक उत्साह का सुंदर संगम देखने को मिला। आरा के मिश्र टोला में सनातन योग संस्थान की ओर से भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पारंपरिक फगुआ गीतों की गूंज और रंग-अबीर की खुशबू ने पूरे माहौल को खुशनुमा बना दिया। होली मिलन में शामिल सभी अतिथियों का स्वागत भोजपुर की पहचान गमछा देकर किया गया, जिससे कार्यक्रम में क्षेत्रीय संस्कृति की झलक साफ दिखाई दी। गायक विशेश्वर लाल सिन्हा ने अपनी मधुर आवाज में पारंपरिक होली गीतों की प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। उनके गीतों पर लोग झूमते नजर आए और पूरा वातावरण फगुआ की उमंग से भर उठा। कार्यक्रम में आए लोगों के लिए संस्थान की ओर से पारंपरिक व्यंजन मालपुआ और ठंडई की विशेष व्यवस्था भी की गई थी, जिसका सभी ने आनंद लिया। पारंपरिक लोक गीत प्रस्तुति संस्थान के सदस्यों ने बताया कि पूरे वर्ष रमना मैदान में नियमित योगाभ्यास करते हैं और मौसम चाहे कोई भी हो, सभी सदस्य एक परिवार की तरह जुड़े रहते हैं। यही कारण है कि हर छोटे-बड़े त्योहार और लोक परंपरा को सामूहिक रूप से उत्साहपूर्वक मनाते हैं। इस होली मिलन समारोह में महिलाओं और बच्चियों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली। ‘रंग बरसे चुनरिया अंगना में’ और ‘पीछे ली हरदिया ब्रिज में होली खेले रंग रसिया’ जैसे पारंपरिक लोक गीत प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया। समारोह में प्रेम-भाईचारे का संदेश दिया कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और आपसी प्रेम-भाईचारे का संदेश दिया। संस्थान के पदाधिकारियों ने कहा कि लोक परंपराओं के संरक्षण और उन्हें जीवित रखने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। खास बात यह है कि संस्थान में अधिकांश सदस्य सेवानिवृत्त लोग हैं, जिनके साथ उनके परिवार के सदस्य भी सक्रिय रूप से जुड़ते हैं। इस अवसर पर अध्यक्ष विनय ओझा, सचिव विशेश्वर लाल सिन्हा, कोषाध्यक्ष जीतन पाण्डेय, अजय कुमार, अशोक सिंह, लाल सिंह, सुमेश्वर लाल, विजय सिंह, राधामोहन मिश्रा, अनिल सिंह, प्रीति, विभा, मनीषा, रूपा, जया, पलक, साधुआईन, पुष्पा, बेबी और कंचन वर्मा सहित कई सदस्य मौजूद रहे। समारोह में पारंपरिक होली की खुशबू, लोक गीतों की मधुरता और सामूहिक उत्साह का सुंदर संगम देखने को मिला।


