इस बार दो दिन पूर्णिमा रहने और भद्रा व चंद्रग्रहण के संयोग के कारण होली बुधवार को मनाई जाएगी। हालांकि, सोमवार की रात 12:50 बजे से होलिका दहन होगा। पूर्णिमा सोमवार की शाम 5:32 बजे से शुरू होकर मंगलवार की शाम 4:46 बजे तक रहेगी। पूर्णिमा लगते ही भद्रा का प्रवेश हो जाएगा, जो मंगलवार तक प्रभावी रहेगा। भद्रा के मुखकाल में शुभ कार्य वर्जित हैं, इसलिए भद्रा के पुच्छकाल में ही होलिका दहन होगा। ज्योतिर्वेद विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. राजनाथ झा के अनुसार सोमवार की रात 12:50 से रात 2:02 बजे तक भद्रा का पुच्छकाल रहेगा। इसी अवधि में होलिका दहन किया जाएगा। वहीं मंगलवार की शाम को चंद्रग्रहण लगेगा। ग्रहण से करीब नौ घंटे पहले सूतक लग जाएगा। सूतक : कल सुबह 8:50 बजे से मंगलवार को इस साल का पहला आैर अंतिम चंद्रग्रहण लग रहा है। मंगलवार की शाम 5:50 बजे से 6:46 बजे तक चंद्रग्रहण रहेगा। चंद्रग्रहण का सूतक मंगलवार की सुबह 8:50 बजे से लग जाएगा। इसमें कोई शुभ व मांगलिक कार्य नहीं होगा। इसलिए बुधवार को होली मनाई जाएगी। ये कार्य वर्जित : सूतक काल में नए कार्य का आरंभ, मूर्ति पूजा और मूर्तियों का स्पर्श, तुलसी के पौधे का स्पर्श नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को चाकू एवं छुरी का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इस बार दो दिन पूर्णिमा रहने और भद्रा व चंद्रग्रहण के संयोग के कारण होली बुधवार को मनाई जाएगी। हालांकि, सोमवार की रात 12:50 बजे से होलिका दहन होगा। पूर्णिमा सोमवार की शाम 5:32 बजे से शुरू होकर मंगलवार की शाम 4:46 बजे तक रहेगी। पूर्णिमा लगते ही भद्रा का प्रवेश हो जाएगा, जो मंगलवार तक प्रभावी रहेगा। भद्रा के मुखकाल में शुभ कार्य वर्जित हैं, इसलिए भद्रा के पुच्छकाल में ही होलिका दहन होगा। ज्योतिर्वेद विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. राजनाथ झा के अनुसार सोमवार की रात 12:50 से रात 2:02 बजे तक भद्रा का पुच्छकाल रहेगा। इसी अवधि में होलिका दहन किया जाएगा। वहीं मंगलवार की शाम को चंद्रग्रहण लगेगा। ग्रहण से करीब नौ घंटे पहले सूतक लग जाएगा। सूतक : कल सुबह 8:50 बजे से मंगलवार को इस साल का पहला आैर अंतिम चंद्रग्रहण लग रहा है। मंगलवार की शाम 5:50 बजे से 6:46 बजे तक चंद्रग्रहण रहेगा। चंद्रग्रहण का सूतक मंगलवार की सुबह 8:50 बजे से लग जाएगा। इसमें कोई शुभ व मांगलिक कार्य नहीं होगा। इसलिए बुधवार को होली मनाई जाएगी। ये कार्य वर्जित : सूतक काल में नए कार्य का आरंभ, मूर्ति पूजा और मूर्तियों का स्पर्श, तुलसी के पौधे का स्पर्श नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को चाकू एवं छुरी का प्रयोग नहीं करना चाहिए।


