अमेरिका-इजराइल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद यूपी में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इसी क्रम में रविवार की रात आजमगढ़ जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र के आसिफगंज में जामिया इमाम मेहंदी अरेबिक कॉलेज में शिया समाज के बड़ी संख्या में धर्म गुरुओं के साथ लोगों ने अमेरिका और इजरायल की एयर स्ट्राइक में मारे गए अयातुल्ला अली खामेनेई को ताजियत (शोकसभा) पेश किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिया समाज के धर्मगुरु और लोग रोते बिलखते नजर आए। शिया समाज के पदाधिकारी बोले आज हो गए हम यतीम
दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए शिया समाज के पदाधिकारी सैयद आज़ादार हुसैन का कहना है कि यह शोक सभा का कार्यक्रम जो रखा गया है। वह पूरी दुनिया के साथ-साथ इंसानियत के लीडर रहे अयातुल्ला अली खामेनेई जिन्हें इसराइल और अमेरिका की एयर स्ट्राइक में शहीद कर दिया गया है की याद में रखा गया है। हमें इतना गम अपने पिता के मरने पर नहीं हुआ है। जितना गम हम लोगों को आज हो रहा है। आज हम यतीम हो गए हैं। आज की लोकसभा के माध्यम से हम अपनी संवेदना को व्यक्त कर रहे हैं। धर्मगुरु बोले इसराइल और अमेरिका कर रहे हैं गुंडागर्दी
दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद मोहम्मद मेहंदी का कहना है कि आज इस लोकसभा के माध्यम से हम लोग प्रोटेस्ट कर रहे हैं। अमेरिका और इजरायल की गुंडागर्दी के खिलाफ हम यही कहना चाहेंगे कि जिसको चाहता है जहां चाहता है मार देता है। अमेरिका लगातार हमारे मुल्क में भी बढ़ाकर टैरिफ लगा रहा है। जिस तरह से मुसलमान के सबसे बड़े इमाम ईरान के सुप्रीम लीडर को तेहरान में एयर स्ट्राइक में शहीद कर दिया गया। उसी के उपलक्ष में हम लोग अपनी संवेदना और शोक सभा करने आए हैं इसके साथ ही अमेरिका और इसराइल को अपने पैरों तले कुचलने आए हुए हैं। आज हम यह कहना चाहते हैं कि तुम्हारी दादागिरी बहुत दिनों तक नहीं चलेगी। अयातुल्ला अली खामेनेई को मार भले दिया है पर हर शिया के दिल में वह जिंदा है और आगे भी जिंदा रहेंगे। शहादत की खबर सुनते ही हम लोग बेचैन हो गए। अब जगह-जगह मजलिस होगी सरकार और प्रशासन से हम मांग करते हैं कि हमें शांतिपूर्वक प्रोटेक्ट करने दे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अयातुल्ला अली खामेनेई से मिलकर आए थे।
उन्होंने पूरे जीवन शांति के लिए काम किया। हमारी केंद्र सरकार से मांग है कि इसराइल और अमेरिका को बाकायदा आतंकवादी घोषित कर इन्हें अपने यहां आने ना दें। इस घटना से सिर्फ मुसलमान के ही नहीं हिंदुओं के दिल भी आहत हुए हैं। इस अवसर पर मौलाना सुल्तान हुसैन मौलाना गुलाम हैदर मौलाना सैयद जमीरुल हसन, जमील हैदर सहित बड़ी संख्या में शिया समाज के लोग उपस्थित रहे।


