Holi से पहले अलर्ट मोड में UP सरकार: अवैध शराब पर सख्ती, राजस्व और सुरक्षा पर CM Yogi के बड़े निर्देश

Holi से पहले अलर्ट मोड में UP सरकार: अवैध शराब पर सख्ती, राजस्व और सुरक्षा पर CM Yogi के बड़े निर्देश

Yogi Adityanath Orders Crackdown on Illegal Liquor Ahead of Holi: होली पर्व को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने त्योहार के मद्देनजर आबकारी विभाग समेत सभी राजस्व विभागों को कड़े निर्देश जारी करते हुए अवैध और जहरीली शराब के उत्पादन एवं बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

लोक भवन में आयोजित कर एवं करेत्तर राजस्व प्राप्ति की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति, राजस्व संग्रह की प्रगति तथा विभागवार कार्यों का विस्तृत आकलन किया। बैठक में जीएसटी, वैट, आबकारी, स्टांप एवं पंजीकरण, परिवहन, ऊर्जा, भू-राजस्व तथा खनन विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

होली पर अवैध शराब के खिलाफ विशेष अभियान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आबकारी विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि होली जैसे बड़े त्योहार के दौरान अवैध शराब की बिक्री की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में जिला स्तर पर विशेष प्रवर्तन अभियान चलाए जाएं। उन्होंने कहा कि जहरीली शराब की एक भी घटना प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचाती है। अवैध निर्माण स्थलों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई की जाए। सीमा क्षेत्रों और संवेदनशील जिलों में संयुक्त छापेमारी बढ़ाई जाए। पुलिस और प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर निगरानी मजबूत की जाए। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

राजस्व वृद्धि को बताया विकास की आधारशिला

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास कार्यों की गति सीधे तौर पर राजस्व संग्रह पर निर्भर करती है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, निवेश और रोजगार से जुड़े सभी बड़े कार्यक्रम राजस्व से ही संचालित होते हैं। इसलिए विभागों को लक्ष्य आधारित कार्य शैली अपनानी होगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कर संग्रह में पारदर्शिता और तकनीक का अधिक उपयोग किया जाए ताकि राजस्व रिसाव को रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से जीएसटी संग्रह की समीक्षा करते हुए व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी से बचाने और ईमानदार करदाताओं को प्रोत्साहित करने की बात कही।

जीएसटी और वैट विभाग को निर्देश

मुख्यमंत्री ने जीएसटी विभाग को निर्देश दिया कि फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी पर सख्ती जारी रखी जाए। डेटा एनालिटिक्स के माध्यम से संदिग्ध लेनदेन चिन्हित किए जाएं। छोटे व्यापारियों को नियमों की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएं। उन्होंने कहा कि कर प्रशासन का उद्देश्य केवल वसूली नहीं बल्कि व्यापार को बढ़ावा देना भी होना चाहिए।

स्टांप एवं पंजीकरण कार्यालय होंगे आधुनिक

बैठक में स्टांप एवं पंजीकरण विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने रजिस्ट्री कार्यालयों के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को जमीन और संपत्ति पंजीकरण से जुड़ी सेवाएं पारदर्शी, सरल और समयबद्ध तरीके से मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने डिजिटल रजिस्ट्री व्यवस्था को और मजबूत करने, ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग, ई-डॉक्यूमेंटेशन और शिकायत निस्तारण प्रणाली को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दलाल संस्कृति खत्म करने के लिए तकनीकी सुधार आवश्यक हैं।

परिवहन विभाग को सड़क सुरक्षा पर फोकस

होली के दौरान यात्रियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग को विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि रोडवेज बसों की फिटनेस जांच अनिवार्य रूप से की जाए। ओवरलोडिंग और ओवरस्पीडिंग पर सख्त कार्रवाई हो। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर सुधारात्मक उपाय किए जाएं। लंबी दूरी की बसों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि त्योहार के समय यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

नए रूट और बेहतर परिवहन सेवाओं पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां सार्वजनिक परिवहन की कमी है वहां नए बस रूट चिन्हित किए जाएं। निजी बस संचालकों के साथ समन्वय स्थापित कर परिवहन सेवाओं को मजबूत बनाया जाए। उन्होंने कहा कि बेहतर परिवहन व्यवस्था से न केवल जनता को सुविधा मिलेगी बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

ऊर्जा विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति के निर्देश

त्योहारों के दौरान बिजली की मांग बढ़ने को देखते हुए ऊर्जा विभाग को भी निर्देश दिए गए कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि होली के दौरान किसी भी क्षेत्र में अनावश्यक बिजली कटौती नहीं होनी चाहिए। उन्होंने फॉल्ट रिस्पॉन्स सिस्टम को सक्रिय रखने और शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर दिया।

खनन और भू-राजस्व विभाग की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने खनन विभाग को अवैध खनन पर रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व हानि रोकने के साथ पर्यावरण संरक्षण भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। भू-राजस्व विभाग को भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण और विवादों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन से जुड़े विवाद कम होने से निवेश वातावरण बेहतर होता है।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को तकनीक आधारित कार्यप्रणाली अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ई-गवर्नेंस से पारदर्शिता बढ़ती है, भ्रष्टाचार कम होता है और जनता को बेहतर सेवाएं मिलती हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभागीय पोर्टल्स को यूजर-फ्रेंडली बनाया जाए और जनता की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

जनहित सर्वोपरि: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम जनता की सुरक्षा, सुविधा और विश्वास को मजबूत करना है। त्योहार सामाजिक सौहार्द और खुशी का प्रतीक होते हैं, इसलिए प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फील्ड विजिट बढ़ाएं,स्थानीय प्रशासन से लगातार संवाद रखें। कानून-व्यवस्था और सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही सुशासन की पहचान है।

होली को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में

प्रदेश सरकार के निर्देशों के बाद प्रशासनिक और राजस्व विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गए हैं। जिलों में विशेष टीमें गठित की जा रही हैं और निगरानी व्यवस्था मजबूत की जा रही है। पुलिस, आबकारी, परिवहन और खाद्य सुरक्षा विभाग संयुक्त रूप से अभियान चलाने की तैयारी में हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि होली का पर्व पूरे प्रदेश में सुरक्षित, व्यवस्थित और उल्लासपूर्ण वातावरण में मनाया जाए।

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