छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले की बसना पुलिस ने 22 लाख रुपए मूल्य का 68.755 टन स्पंज आयरन जब्त किया है। इस कार्रवाई में दो ट्रक भी पकड़े गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी रंजीत सिंह हाईवे पर ट्रक ड्राइवरों से कम दाम में थोड़ा-थोड़ा स्पंज आयरन खरीदकर जमा करता था और फिर फर्जी दस्तावेज बनाकर उसे रायपुर के उरला में बेचता था। बसना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो ट्रकों में संदिग्ध रूप से स्पंज आयरन ओडिशा से रायपुर ले जाया जा रहा है। इस सूचना पर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और दो ट्रकों को रोका। इनमें ट्रक CG 04 JC 4585 के चालक सोनूलाल मोंगरे (पिता निरगुन मोंगरे, लांती, थाना सिंघोड़ा, जिला महासमुंद) और ट्रक CG 07 AV 5290 के चालक रामेश्वर मानिकपुरी (पिता अघनदास मानिकपुरी, वार्ड नं 2, सरायपाली, जिला महासमुंद) शामिल थे। ट्रकों की तलाशी में स्पंज आयरन मिला ट्रकों की तलाशी लेने पर उनमें स्पंज आयरन भरा मिला। ड्राइवरों ने बताया कि स्पंज आयरन जय भोले इस्पात, रायगढ़ पुसौर फर्म से लोड कर उरला, रायपुर ले जाया जा रहा था। हालांकि, उनके द्वारा दिए गए दस्तावेज और जानकारी में भिन्नता पाई गई, जिससे पुलिस को संदेह हुआ। गहन पूछताछ और जांच में खुलासा हुआ कि यह स्पंज आयरन ओडिशा के लोहराचट्टी स्थित रंजीत सिंह के गोदाम से लोड किया गया था। आरोपी का अवैध स्पंज आयरन कारोबार पकड़ा गया दोनों ट्रक चालकों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि रंजीत सिंह राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले ट्रक ड्राइवरों से कम कीमत पर थोड़ा-थोड़ा स्पंज आयरन खरीदता था। वह इस अवैध स्पंज आयरन को अपने गोदाम में जमा करता था और फिर फर्जी बिल व कागजात बनवाकर लोहराचट्टी स्थित गोदाम से ट्रकों में भरकर रायपुर के उरला में बेच देता था। पुलिस ने इस मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें BNS की धारा 318(4), 316(4), 317(2), 336(2), 338, 340, 3(5) के तहत न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।


