राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत:आरा सदर अस्पताल में तीन बच्चियों को लगाया टीका; सर्वाइकल कैंसर से बचाव में 93-100% तक प्रभावी

राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत:आरा सदर अस्पताल में तीन बच्चियों को लगाया टीका; सर्वाइकल कैंसर से बचाव में 93-100% तक प्रभावी

राजस्थान के अजमेर से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 से 14 साल तक की लड़कियों के लिए ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत की। ‘स्वस्थ नारी’ के विजन के तहत शुरू किया गया यह अभियान सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के साथ-साथ बालिकाओं के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य को सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। इस अवसर पर आरा सदर अस्पताल की गहन शिशु इकाई में भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में तीन बच्चियों को एचपीवी टीका लगाया गया। टीकाकरण के बाद उन्हें डॉक्टकों की निगरानी में रखा गया। कार्यक्रम के दौरान सिविल सर्जन शैलेंद्र कुमार सिन्हा, हेल्थ मैनेजर शशिकांत कुमार समेत कई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
टीका निशुल्क उपलब्ध सिविल सर्जन शैलेंद्र कुमार ने बताया कि यह अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य की बुनियाद में रोकथाम, सुरक्षा और समानता सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह कार्यक्रम हर वर्ष देश भर में करीब 1.15 करोड़ बालिकाओं(14 साल) को लक्षित करेगा। सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों जैसे आयुष्मान आरोग्य मंदिर (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप-जिला अस्पताल, जिला अस्पताल तथा सरकारी मेडिकल कॉलेज में यह टीका पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
हर साल1.20 लाख से अधिक नए मामले सामने आते हैं एचपीवी टीका सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में अत्यंत प्रभावी माना जाता है। GLOBOCAN 2022 के अनुसार भारत में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे आम कैंसर है, जिसमें हर वर्ष 1.20 लाख से अधिक नए मामले सामने आते हैं और लगभग 80 हजार महिलाओं की मौत हो जाती है। वैज्ञानिक अध्ययनों से यह स्पष्ट हुआ है कि सर्वाइकल कैंसर के अधिकांश मामले एचपीवी के उच्च जोखिम वाले टाइप विशेष रूप से टाइप 16 और 18 के कारण होते हैं। राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत इस्तेमाल होने वाला गार्डासिल वैक्सीन इन खतरनाक प्रकारों के साथ-साथ टाइप 6 और 11 से भी सुरक्षा प्रदान करता है। टीकाकरण और जागरूकता से मामलों में आएगी कमी स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार एचपीवी वैक्सीन दुनिया की सबसे अधिक शोधित और सुरक्षित वैक्सीनों में शामिल है, जिसकी 2006 से अब तक 50 करोड़ से अधिक डोज दी जा चुकी हैं। यह वैक्सीन एचपीवी से जुड़े सर्वाइकल कैंसर को रोकने में 93 से 100 प्रतिशत तक प्रभावी पाई गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञ समूह ने बताया है कि 9 से 20 वर्ष की बालिकाओं के लिए सिंगल-डोज शेड्यूल भी उतना ही प्रभावी है, जितना दो डोज का शेड्यूल। जिससे कार्यक्रम को बड़े पैमाने पर लागू करना आसान होगा। आरा सदर अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम ने इस राष्ट्रीय पहल को स्थानीय स्तर पर मजबूती दी है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि समय पर टीकाकरण और जागरूकता के जरिए आने वाले वर्षों में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में कमी लाई जा सकेगी। इस अभियान से न केवल बालिकाओं का स्वास्थ्य सुरक्षित होगा, बल्कि देश की भावी पीढ़ी को एक स्वस्थ और सशक्त आधार भी प्राप्त होगा।
पीएम नरेंद्र मोदी को दिया धन्यवाद दसवीं की छात्रा आराध्या ओझा ने बताया कि टीका लगवाने के दौरान उन्हें किसी तरह का दर्द महसूस नहीं हुआ और टीकाकरण के बाद भी कोई साइड इफेक्ट नहीं दिखा। पूरी तरह ठीक महसूस कर रही हूं। डॉक्टरों ने उन्हें कुछ देर तक निगरानी में रखा। आराध्या के अनुसार, इस टीके से भविष्य में होने वाले जोखिम काफी हद तक कम हो जाएंगे, जिससे लड़कियों को बड़ी बीमारियों से बचाव मिलेगा। यह पहल बालिकाओं के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी और लाभकारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने बेटियों के लिए एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम उठाया है। वहीं, सातवीं क्लास की छात्रा ज्योति ने बताया कि टीका लगवाने से पहले वह काफी घबराई हुई थी, लेकिन अब अच्छा महसूस हो रहा है। किसी तरह की परेशानी नहीं है। खुद को सुरक्षित महसूस कर रहू हं। यह लड़कियों के स्वास्थ्य की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम है, जिससे देश की बेटियों का भविष्य अधिक सुरक्षित और स्वस्थ बनेगा। राजस्थान के अजमेर से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 से 14 साल तक की लड़कियों के लिए ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत की। ‘स्वस्थ नारी’ के विजन के तहत शुरू किया गया यह अभियान सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के साथ-साथ बालिकाओं के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य को सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। इस अवसर पर आरा सदर अस्पताल की गहन शिशु इकाई में भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में तीन बच्चियों को एचपीवी टीका लगाया गया। टीकाकरण के बाद उन्हें डॉक्टकों की निगरानी में रखा गया। कार्यक्रम के दौरान सिविल सर्जन शैलेंद्र कुमार सिन्हा, हेल्थ मैनेजर शशिकांत कुमार समेत कई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
टीका निशुल्क उपलब्ध सिविल सर्जन शैलेंद्र कुमार ने बताया कि यह अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य की बुनियाद में रोकथाम, सुरक्षा और समानता सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह कार्यक्रम हर वर्ष देश भर में करीब 1.15 करोड़ बालिकाओं(14 साल) को लक्षित करेगा। सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों जैसे आयुष्मान आरोग्य मंदिर (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप-जिला अस्पताल, जिला अस्पताल तथा सरकारी मेडिकल कॉलेज में यह टीका पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
हर साल1.20 लाख से अधिक नए मामले सामने आते हैं एचपीवी टीका सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में अत्यंत प्रभावी माना जाता है। GLOBOCAN 2022 के अनुसार भारत में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे आम कैंसर है, जिसमें हर वर्ष 1.20 लाख से अधिक नए मामले सामने आते हैं और लगभग 80 हजार महिलाओं की मौत हो जाती है। वैज्ञानिक अध्ययनों से यह स्पष्ट हुआ है कि सर्वाइकल कैंसर के अधिकांश मामले एचपीवी के उच्च जोखिम वाले टाइप विशेष रूप से टाइप 16 और 18 के कारण होते हैं। राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत इस्तेमाल होने वाला गार्डासिल वैक्सीन इन खतरनाक प्रकारों के साथ-साथ टाइप 6 और 11 से भी सुरक्षा प्रदान करता है। टीकाकरण और जागरूकता से मामलों में आएगी कमी स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार एचपीवी वैक्सीन दुनिया की सबसे अधिक शोधित और सुरक्षित वैक्सीनों में शामिल है, जिसकी 2006 से अब तक 50 करोड़ से अधिक डोज दी जा चुकी हैं। यह वैक्सीन एचपीवी से जुड़े सर्वाइकल कैंसर को रोकने में 93 से 100 प्रतिशत तक प्रभावी पाई गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञ समूह ने बताया है कि 9 से 20 वर्ष की बालिकाओं के लिए सिंगल-डोज शेड्यूल भी उतना ही प्रभावी है, जितना दो डोज का शेड्यूल। जिससे कार्यक्रम को बड़े पैमाने पर लागू करना आसान होगा। आरा सदर अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम ने इस राष्ट्रीय पहल को स्थानीय स्तर पर मजबूती दी है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि समय पर टीकाकरण और जागरूकता के जरिए आने वाले वर्षों में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में कमी लाई जा सकेगी। इस अभियान से न केवल बालिकाओं का स्वास्थ्य सुरक्षित होगा, बल्कि देश की भावी पीढ़ी को एक स्वस्थ और सशक्त आधार भी प्राप्त होगा।
पीएम नरेंद्र मोदी को दिया धन्यवाद दसवीं की छात्रा आराध्या ओझा ने बताया कि टीका लगवाने के दौरान उन्हें किसी तरह का दर्द महसूस नहीं हुआ और टीकाकरण के बाद भी कोई साइड इफेक्ट नहीं दिखा। पूरी तरह ठीक महसूस कर रही हूं। डॉक्टरों ने उन्हें कुछ देर तक निगरानी में रखा। आराध्या के अनुसार, इस टीके से भविष्य में होने वाले जोखिम काफी हद तक कम हो जाएंगे, जिससे लड़कियों को बड़ी बीमारियों से बचाव मिलेगा। यह पहल बालिकाओं के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी और लाभकारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने बेटियों के लिए एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम उठाया है। वहीं, सातवीं क्लास की छात्रा ज्योति ने बताया कि टीका लगवाने से पहले वह काफी घबराई हुई थी, लेकिन अब अच्छा महसूस हो रहा है। किसी तरह की परेशानी नहीं है। खुद को सुरक्षित महसूस कर रहू हं। यह लड़कियों के स्वास्थ्य की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम है, जिससे देश की बेटियों का भविष्य अधिक सुरक्षित और स्वस्थ बनेगा।  

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