Government Schools News: जयपुर। प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों को व्यावहारिक शिक्षा से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने अहम कदम उठाया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने विधानसभा में घोषणा करते हुए बताया कि 1 अप्रैल 2026 से विद्यालयों की प्रयोगशालाओं में आवश्यक प्रयोगशाला सामग्री उपलब्ध कराना शुरू कर दिया जाएगा। इससे विज्ञान विषयों की पढ़ाई अधिक प्रभावी और प्रयोग आधारित हो सकेगी, जिससे छात्रों की समझ और कौशल दोनों मजबूत होंगे।
उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों में भवन की कमी है, वहां पीएबी से बजट प्राप्त होते ही निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि हर छात्र को बेहतर अधोसंरचना और सुविधाओं के साथ शिक्षा मिले। साथ ही रिक्त पदों को शीघ्र भरने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है, ताकि शिक्षण कार्य प्रभावित न हो।
विद्यालयों के क्रमोन्नयन को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालय को उच्च स्तर पर क्रमोन्नत करने के लिए कक्षा 8 में न्यूनतम 30 छात्रों का नामांकन, गांव की आबादी कम से कम 1,500 तथा 5 किलोमीटर की परिधि में अन्य उच्च माध्यमिक विद्यालय नहीं होना अनिवार्य होगा। इन मानकों के आधार पर ही नए विद्यालय खोले जाएंगे।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत वर्ष 2022 में 48 हजार पदों पर शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसमें से 45,895 पदों पर जिला आवंटन किया जा चुका है। शेष पदों पर चयन के बाद नियुक्तियां की जाएंगी। वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी रिक्त पदों पर चयन और पदस्थापन की प्रक्रिया जारी है।
शिक्षा मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ बनाने, प्रयोगशाला सुविधाएं बढ़ाने और शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इन फैसलों से प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा।


