Kama to Kamavan rename: दशकों का इंतजार खत्म… ‘कामां’ अब ‘कामवन’, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंजूरी पर लगाई मुहर

Kama to Kamavan rename: दशकों का इंतजार खत्म… ‘कामां’ अब ‘कामवन’, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंजूरी पर लगाई मुहर

Kamavan name change: आखिर दशकों के इंतजार के बाद डीग जिले के कामां को कामवन नाम की घोषणा हो गई। पिछले 30 साल से भी अधिक समय कामां का नाम प्राचीनकाल के वास्तविक कामवन नाम करने की मांग हो रही थी। हाल में ही कामवन की जनता ने विरोध का बिगुल बजा दिया था। नगर का नाम बृजनगर होने के बाद तो मांग ने और भी जोर पकड़ लिया था, चूंकि कामां की मांग उससे भी लंबे समय से की जा रही थी।

ऐसे में स्थानीय जनता के विरोध और जनप्रतिनिधियों के दबाव के बाद राज्य सरकार ने प्रस्ताव पारित कर विधानसभा में बजट रिप्लाई में मुख्यमंत्री ने स्वीकृति पर मुहर लगा दी। बजट रिप्लाई में इस बार मुख्यमंत्री के गांव अटारी के लिए बड़ी घोषणाएं की है।

बताते हैं कि शास्त्रों में उल्लेख है कि कामां के नाम से पहचान जाने वाला कस्बा पौराणिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से कामवन के नाम से प्रसिद्ध रहा है। शास्त्रों, पुराणों, एवं ऐतिहासिक ग्रंथो में ब्रज के 12 वनों में से श्रेष्ठ पांचवा वन कामवन है, जो कि भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ास्थली रही है। 15 दिसंबर 2025 को नगरपालिका कामां की साधारण सभा की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। जिस पर अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्वीकृति की मुहर लगा दी है।

नाम बदलने से यह फायदा…

अगर बृज की बात करें तो राजस्थान के हिस्से में सिर्फ डीग व कामां ही ऐसे स्थान हैं, जो कि ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग में आते हैं। जहां श्रीगिरिराज परिक्रमा मार्ग का कुछ हिस्सा डीग में आता है तो कामां का पूरा एरिया बृज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग में आता है। ऐसे सैकड़ों स्थान हैं, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने लीला कीं है।

दर्जनों ऐसे प्रमाण हैं, जहां भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन प्राचीन शास्त्रों में किया गया है। जिस तरह उत्तरप्रदेश के बृज क्षेत्र नंदगांव, बरसाना, मथुरा, वृंदावन का नाम प्राचीन शास्त्रों में उल्लेख के आधार पर ही है। ऐसे में कामां को नाम बदलने से यहां धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को प्रशस्त किया जा सकेगा।

पत्रिका की मुहिम लाई रंग

कामां का नाम बदलकर कामवन किए जाने की मांग को लेकर राजस्थान पत्रिका ने भी एक मुहिम चलाई थी। ठसकी लगातार खबरेँ प्रकाशित की थी। पिछले कई दशक से कामां का नाम कामवन करने की मांग समय-समय पर उठाई जाती रही है। पिछले दो वर्षों में इस मांगने और अधिक जोर पकड़ लिया। बृजवासियों का सपना था कि जो पुरातन प्राचीन पौराणिक और धार्मिक नाम है। इससे इस नगरी की सही पहचान हो सकती है वह नाम कामवन वापस होना चाहिए। कामां तो अपभ्रंश होते-होते बना है। जबकि वास्तविक नाम कामवन ही था।

सीएम ने साकार किया सपना

कामवन से विधायक बनने के बाद सबसे पहले कामां को कामवन बनाने की मांग को पूरा करने का प्रण लिया था। मुख्यमंत्री से इस बारे में लगातार बात हुई। नगरपालिका से प्रस्ताव पारित कराने के बाद इसमें तमाम अड़चनों को दूर कर राज्य सरकार तक भेजा गया। जहां आपत्तियों व अन्य कागजी कार्रवाई पूरी कराने के बाद अब मुख्यमंत्री ने बृजवासियों का सपना साकार कर दिया। अब कामवन में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कार्ययोजना बनाई जाएगी। ताकि उत्तरप्रदेश के बृज क्षेत्रों की तर्ज पर कामवन को विकास की राह दिखाई जा सके।

  • नौक्षम चौधरी, विधायक कामां

बजट रिप्लाई में ये भी घोषणाएं

  • मुख्य सड़क वैर-बयाना से सफेद महल तक नई 4 लेन सडक़ (वैर) के लिए 5 करोड़ रुपए
  • कठूमर से डेहरा मोड (वाया मसारी, भरीथल होते हुए अटारी) सडक़ का चौड़ाईकरण (18 किमी.) (कठूमर, नदबई)-अलवर, भरतपुर पर 22 करोड़ रुपए
  • नवीन महाविद्यालय अटारी भरतपुर
  • अटारी, नदबई के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रमोन्नयन
  • कामां का नाम कामवन करने की घोषणा
  • महल-वैर के मंदिर एवं किले के जीर्णोद्धार कार्य एवं लोहागढ़ किले के अन्दर जर्जर पुरातत्व महत्व के ढांचों एवं मिट्टी के फोर्ट वॉल का पुनरूद्धार एवं जीर्णोद्धार कार्य-भरतपुर पर 2 करोड़ रुपए
  • रामनगर दो मौरा केनाल के जीर्णोद्धार के कार्य-भरतपुर 22 करोड़ रुपए
  • र्वजनिक निर्माण विभाग-नदबई-भरतपुर में अधिशाषी अभियंता कार्यालय

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