पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव की स्थिति है। भारी हमले के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ खुली जंग की घोषणा कर दी है। इस बीच, पाकिस्तान ने दुनिया के सामने भारत के नाम का राग भी अलापा है।
बता दें कि पहले अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की। इसके कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तानी सेना ने काबुल और कंधार पर हवाई हमले किए।
पाक के आरोपों पर क्या बोला अफगान?
अफगानिस्तान ने पहले रविवार की एयरस्ट्राइक के जवाब में पाकिस्तान पर हमला किया था। पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने रविवार के हमलों में 70 उग्रवादियों को मार गिराया है। वहीं, पाक के दावे को अफगानिस्तान ने खारिज कर दिया।
अफगानिस्तान ने कहा कि पाकिस्तानी हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित दर्जनों आम लोग मारे गए थे। पाकिस्तान ने बिना किसी सबूत के तालिबान पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को बचाने का आरोप लगाया है।
भारत को लेकर पाकिस्तान ने क्या कहा?
इस बीच, पाकिस्तान ने तालिबान पर भारत की गोद में बैठने का आरोप लगाया है। भारत हमेशा अफगानिस्तान के नागरिकों के लिए मदद का हाथ बढ़ाता रहा है।
जब अफगानिस्तान में 6.3 तीव्रता का भूकंप आया था, तो भारत ने सबसे पहले मदद भेजी थी। भारत ने बल्ख और समांगन इलाकों में 15 टन खाद्य सामग्री भेजी थी। इसके अलावा, भारत ने मेडिकल सप्लाई भी दी थी।
भारत-अफगानिस्तान रिश्तों से पाक को दिक्कत
भारत और अफगानिस्तान के संबंध पाकिस्तान की आंखों को हमेशा से चुभते रहे हैं। यही कारण है कि पाकिस्तान हमेशा से ही अपने इलाके में होने वाली किसी भी अप्रिय गतिविधि के लिए भारत और तालिबान को जिम्मेदार ठहराता रहा है।
इस्लामाबाद ने बिना सबूत के यह झूठी कहानी भी फैलाई है कि टीटीपी अफगान की जमीन से काम करता है। उसने यह भी कहा है कि भारत इस संगठन का समर्थन कर रहा है। तालिबान और भारत दोनों ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया।
इस्लामाबाद, अफगानिस्तान में भारत की बढ़ती मौजूदगी को बहुत ही संदेह की नजरों से देखता है। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री पिछले साल भारत आए थे। दोनों देशों के बीच यह तय हुआ था कि भारत काबुल में अपना दूतावास फिर से खोलेगा।


