सहरसा जिला कृषि भवन परिसर में दो दिवसीय जिला स्तरीय कृषि यंत्रीकरण मेला सह प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक प्रवीण कुमार और जिला कृषि पदाधिकारी संजय कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। यह मेला 28 फरवरी तक चलेगा। संयुक्त निदेशक प्रवीण कुमार ने बताया कि यह कृषि यंत्रीकरण मेला विभाग की एक महत्वपूर्ण योजना का हिस्सा है। इसके तहत किसानों को 40 से 75 प्रतिशत तक के अनुदान पर आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि आधुनिक यंत्र हर किसान तक पहुंचें, जिससे खेती को अधिक लाभकारी और उन्नत बनाया जा सके। इन यंत्रों के उपयोग से किसानों के समय और श्रम की बचत होती है, साथ ही उत्पादन में भी वृद्धि होती है। जिला कृषि पदाधिकारी संजय कुमार ने जानकारी दी कि मेले का आयोजन पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। किसान ऑनलाइन आवेदन करते हैं, जिसके बाद लॉटरी के माध्यम से उनका चयन होता है। चयनित किसान मेले में आकर संबंधित यंत्र की खरीदारी करते हैं। खरीदारी के बाद अनुदान की राशि सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) के माध्यम से भेज दी जाती है। मेले में बुवाई, कटाई और अन्य कृषि कार्यों से संबंधित विभिन्न आधुनिक उपकरण प्रदर्शित किए गए हैं। किसान यहां न केवल यंत्र खरीद रहे हैं, बल्कि नई तकनीकों की जानकारी भी प्राप्त कर रहे हैं। इससे उन्हें एक वर्ष में अधिक फसलों की खेती कर गहन कृषि (इंटेंसिव फार्मिंग) अपनाने में मदद मिलेगी। अब तक लगभग 700 किसानों को इस योजना का लाभ मिल चुका है। विभाग का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक किसानों को अनुदान का लाभ देकर उनकी आय और उत्पादकता में वृद्धि की जाए। सहरसा जिला कृषि भवन परिसर में दो दिवसीय जिला स्तरीय कृषि यंत्रीकरण मेला सह प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक प्रवीण कुमार और जिला कृषि पदाधिकारी संजय कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। यह मेला 28 फरवरी तक चलेगा। संयुक्त निदेशक प्रवीण कुमार ने बताया कि यह कृषि यंत्रीकरण मेला विभाग की एक महत्वपूर्ण योजना का हिस्सा है। इसके तहत किसानों को 40 से 75 प्रतिशत तक के अनुदान पर आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि आधुनिक यंत्र हर किसान तक पहुंचें, जिससे खेती को अधिक लाभकारी और उन्नत बनाया जा सके। इन यंत्रों के उपयोग से किसानों के समय और श्रम की बचत होती है, साथ ही उत्पादन में भी वृद्धि होती है। जिला कृषि पदाधिकारी संजय कुमार ने जानकारी दी कि मेले का आयोजन पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। किसान ऑनलाइन आवेदन करते हैं, जिसके बाद लॉटरी के माध्यम से उनका चयन होता है। चयनित किसान मेले में आकर संबंधित यंत्र की खरीदारी करते हैं। खरीदारी के बाद अनुदान की राशि सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) के माध्यम से भेज दी जाती है। मेले में बुवाई, कटाई और अन्य कृषि कार्यों से संबंधित विभिन्न आधुनिक उपकरण प्रदर्शित किए गए हैं। किसान यहां न केवल यंत्र खरीद रहे हैं, बल्कि नई तकनीकों की जानकारी भी प्राप्त कर रहे हैं। इससे उन्हें एक वर्ष में अधिक फसलों की खेती कर गहन कृषि (इंटेंसिव फार्मिंग) अपनाने में मदद मिलेगी। अब तक लगभग 700 किसानों को इस योजना का लाभ मिल चुका है। विभाग का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक किसानों को अनुदान का लाभ देकर उनकी आय और उत्पादकता में वृद्धि की जाए।


