औरंगाबाद में अनुग्रह कन्या मध्य विद्यालय में 2 मंजिला भवन से गिरकर 7वीं की 2 छात्राएं घायल हो गईं। घायल बच्चियों की पहचान गांधी नगर मोहल्ला स्थित वार्ड नंबर-33 निवासी ओम प्रकाश सोनी के बेटी पलक कुमार और गयाजी के डेल्ही निवासी छोटू साव की बेटी सृष्टि कुमारी के रूप में हुई है। सदर अस्पताल में इलाज के दौरान सृष्टि के परिजन ने कहा हमलोग सिन्हा कॉलेज मोड के पास किराए पर रहते रहैं। पलक और सृष्टि दोनों स्कूल गईं थीं। स्कूल में बच्चियां वॉशरूम गईं थीं। इसी बीच दोनों छत पर चली गई। स्कूल के टीचर क्लास ले रहे थे। छत से बच्चियां का पैर फिसल गया और वे नीचे गईं। घायल छात्राओं को अस्पताल लेकर पहुंचे शिक्षक गिरने की तेज आवाज सुनकर स्कूल के शिक्षाक और अन्य छात्राएं पहुंचे। मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति रही। विद्यालय के शिक्षकों ने दोनों घायल छात्राओं को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया। घटना की सूचना पर दोनों घायलों के परिजन सदर अस्पताल पहुंचे। इसके बाद दोनों को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर लेकर चले गए। परिजन बोले, बच्चों पर ध्यान नहीं देते हैं शिक्षक सदर अस्पताल में इलाज के दौरान परिजनों ने विद्यालय प्रबंधन पर सवाल उठाए। कहा कि विद्यालय में किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं है। छात्रों पर कोई भी शिक्षक ध्यान नहीं देते हैं। जब क्लास चल रहा था और सभी बच्चे पढ़ाई कर रहे थे तो दोनों छात्राएं 2 मंजिले भवन के ऊपर छत पर कैसे गई। पूरी तरह विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही है। प्रिंसिपल पूनम कुमारी ने बताया कि क्लास के दौरान दोनों प्रथम तल पर शौचालय गईं थीं। इसके बाद दोनों दूसरे मंजिल पर कैसे और क्यों गईं इसकी जानकारी नहीं है। जब दोनों छत से नीचे गिरी तो इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। औरंगाबाद में अनुग्रह कन्या मध्य विद्यालय में 2 मंजिला भवन से गिरकर 7वीं की 2 छात्राएं घायल हो गईं। घायल बच्चियों की पहचान गांधी नगर मोहल्ला स्थित वार्ड नंबर-33 निवासी ओम प्रकाश सोनी के बेटी पलक कुमार और गयाजी के डेल्ही निवासी छोटू साव की बेटी सृष्टि कुमारी के रूप में हुई है। सदर अस्पताल में इलाज के दौरान सृष्टि के परिजन ने कहा हमलोग सिन्हा कॉलेज मोड के पास किराए पर रहते रहैं। पलक और सृष्टि दोनों स्कूल गईं थीं। स्कूल में बच्चियां वॉशरूम गईं थीं। इसी बीच दोनों छत पर चली गई। स्कूल के टीचर क्लास ले रहे थे। छत से बच्चियां का पैर फिसल गया और वे नीचे गईं। घायल छात्राओं को अस्पताल लेकर पहुंचे शिक्षक गिरने की तेज आवाज सुनकर स्कूल के शिक्षाक और अन्य छात्राएं पहुंचे। मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति रही। विद्यालय के शिक्षकों ने दोनों घायल छात्राओं को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया। घटना की सूचना पर दोनों घायलों के परिजन सदर अस्पताल पहुंचे। इसके बाद दोनों को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर लेकर चले गए। परिजन बोले, बच्चों पर ध्यान नहीं देते हैं शिक्षक सदर अस्पताल में इलाज के दौरान परिजनों ने विद्यालय प्रबंधन पर सवाल उठाए। कहा कि विद्यालय में किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं है। छात्रों पर कोई भी शिक्षक ध्यान नहीं देते हैं। जब क्लास चल रहा था और सभी बच्चे पढ़ाई कर रहे थे तो दोनों छात्राएं 2 मंजिले भवन के ऊपर छत पर कैसे गई। पूरी तरह विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही है। प्रिंसिपल पूनम कुमारी ने बताया कि क्लास के दौरान दोनों प्रथम तल पर शौचालय गईं थीं। इसके बाद दोनों दूसरे मंजिल पर कैसे और क्यों गईं इसकी जानकारी नहीं है। जब दोनों छत से नीचे गिरी तो इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया।


