यदि आप होली पर घर जाने की तैयारी कर रहे हैं तो आपके लिए खुशखबरी है। भारतीय रेलवे ने त्योहार के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए बड़ी संख्या में होली स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है, ताकि यात्रियों को कन्फर्म सीट और आरामदायक सफर मिल सके। वहीं अगर आप कोई स्टार्टअप चला रहे हैं और रेलवे के साथ मिलकर नई तकनीक पर काम करना चाहते हैं, तो आपके लिए भी अवसर खुल गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई रेल टेक नीति की घोषणा की है, जिसके तहत नवाचार और तकनीकी समाधान सीधे रेलवे से जोड़े जाएंगे।
देखा जाये तो भारतीय रेल अब तेज बदलाव के दौर से गुजर रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई रेल टेक नीति और रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल की डिजिटल व्यवस्था की शुरुआत कर सुधारों को नई दिशा दे दी है। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिफॉर्म्स विजन के तहत उठाया गया है। नई रेल टेक नीति का मकसद रेलवे में नई तकनीक और नए विचारों को बढ़ावा देना है। अब स्टार्टअप, उद्योग और शिक्षण संस्थान सीधे रेलवे के लिए अपने सुझाव दे सकेंगे। इसके लिए रेल टेक पोर्टल शुरू किया गया है, जहां एक ही चरण में प्रस्ताव जमा किए जा सकेंगे। प्रोटोटाइप बनाने और परीक्षण के लिए मिलने वाला अनुदान पहले से दोगुना कर दिया गया है, जबकि स्केल अप के लिए अनुदान तीन गुना से अधिक बढ़ाया गया है।
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साथ ही रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल की 23 पीठों को डिजिटल रूप से जोड़ने की तैयारी है। अब यात्री देश में कहीं से भी ऑनलाइन मामला दर्ज कर सकेंगे। इससे सुनवाई की प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और आसान होगी। रेल मंत्री ने 2026 में 52 सप्ताह में 52 सुधार लागू करने की योजना भी सामने रखी है। इसमें ट्रैक और ढांचे का विस्तार, बेहतर रखरखाव, नेटवर्क क्षमता बढ़ाना, कर्मचारियों का प्रशिक्षण और खानपान सेवाओं में सुधार शामिल है। लक्ष्य है कि रेल दुर्घटनाओं की संख्या को घटाकर एक अंक तक लाया जाए। बाइट।
इधर, होली के त्योहार को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों के लिए बड़ी तैयारी की है। 25 फरवरी से 18 मार्च 2026 के बीच 1244 होली विशेष रेल यात्राएं चलाई जाएंगी। जरूरत पड़ने पर यह संख्या 1500 तक बढ़ाई जा सकती है। इन विशेष ट्रेनों से मुंबई, पुणे, नागपुर, पटना, दरभंगा, गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ, अमृतसर, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और दिल्ली समेत कई प्रमुख शहरों के बीच अतिरिक्त सीटें उपलब्ध होंगी। पूर्व मध्य रेलवे सबसे अधिक 275 विशेष यात्राएं चलाएगा, जबकि उत्तर रेलवे 204 यात्राएं संचालित करेगा। इसके अलावा पश्चिम, दक्षिण, दक्षिण पूर्व, उत्तर पूर्व और अन्य सभी जोन में भी विशेष सेवाएं चलाई जाएंगी। रेल मंत्रालय का कहना है कि इन विशेष ट्रेनों से नियमित ट्रेनों पर दबाव कम होगा और यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी।
देखा जाये तो भारतीय रेल एक साथ दो मोर्चों पर काम कर रही है। एक ओर तकनीक और प्रशासनिक सुधारों से व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है, तो दूसरी ओर त्योहारों के समय यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इससे साफ है कि रेलवे अब सुरक्षा, सुविधा और सुधार को साथ लेकर आगे बढ़ रही है।


