लियोनेल मेसी ने हाल ही में एक ऐसा खुलासा किया जिसने उनके फैंस को चौंका दिया। मेक्सिको के एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में मेसी ने स्वीकार किया कि बचपन में अंग्रेज़ी भाषा न सीख पाना उनके जीवन का बड़ा अफसोस है।बता दें कि मेसी इन दिनों 2026 फीफा विश्व कप की तैयारी में जुटे हैं और हाल ही में इंटर मियामी के साथ शानदार सीजन पूरा किया है। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि कई बार उन्हें ऐसे लोगों के साथ समय बिताने का मौका मिला जो अपने-अपने क्षेत्र के बेहद प्रसिद्ध और प्रभावशाली व्यक्तित्व रहे, लेकिन भाषा की कमी के कारण वह खुलकर बातचीत नहीं कर पाए। उन्होंने स्वीकार किया कि ऐसे पलों में उन्हें खुद को ‘आधा अनजान’ जैसा महसूस हुआ।गौरतलब है कि मेसी ने कहा कि बचपन में उनके पास अंग्रेज़ी सीखने का समय था, लेकिन उन्होंने उस अवसर का उपयोग नहीं किया। अब वह अपने बच्चों को शिक्षा का महत्व समझाते हैं और उन्हें उपलब्ध संसाधनों का पूरा फायदा उठाने की सलाह देते हैं। उनके मुताबिक उनके बच्चों की परिस्थितियां उनसे अलग हैं और उन्हें बेहतर अवसर मिल रहे हैं।अपने छात्र जीवन को याद करते हुए मेसी ने बताया कि अर्जेंटीना में स्कूल का उनका आखिरी साल काफी अस्त-व्यस्त रहा, क्योंकि तब तक यह तय हो चुका था कि वह एफसी बार्सिलोना से जुड़ने के लिए स्पेन जा रहे हैं। बाद में उन्होंने बार्सिलोना की प्रसिद्ध युवा अकादमी ला मासिया में पढ़ाई पूरी की।मौजूद जानकारी के अनुसार बार्सिलोना छोड़ने के बाद उनका फ्रांस का अनुभव खास सुखद नहीं रहा। पेरिस सेंट-जर्मेन में खेलते समय उन्हें कई बार प्रशंसकों की नाराजगी का सामना करना पड़ा। हालांकि उन्होंने कहा कि फुटबॉल ने उन्हें जीवन में बहुत कुछ सिखाया है और कई अनुभव दिए हैं जो हमेशा साथ रहेंगे।मेसी को फुटबॉल इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में गिना जाता है। उन्होंने आठ बैलन डी’ओर, छह यूरोपीय गोल्डन शू और फीफा द्वारा आठ बार वर्ष के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का सम्मान हासिल किया है। साथ ही 2022 में अर्जेंटीना को विश्व कप जिताकर उन्होंने अपने करियर को नई ऊंचाई दी।
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