गयाजी के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने गुरुवार को गया इंजीनियरिंग कॉलेज का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान छात्रों ने न सिर्फ इंजीनियरिंग शिक्षा की जानकारी ली, बल्कि आधुनिक तकनीकी सुविधाओं और अपने करियर की संभावनाओं को भी करीब से समझा। कॉलेज परिसर और लैब का माहौल देखकर छात्रों में खासा उत्साह देखा गया। इस दौरान इंजीनियर कॉलेज के प्रो. राहुल कुमार ने छात्रों को बताया कि सरकार बेहद कम शुल्क में इंजीनियरिंग की पढ़ाई का अवसर दे रही है। नामांकन शुल्क मात्र 10 रुपए रखा गया है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र भी तकनीकी शिक्षा से वंचित न रहें। उन्होंने कहा कि इस कॉलेज से पढ़े कई छात्र देश-विदेश की बड़ी कंपनियों में काम कर रहे हैं, वहीं कई छात्र सरकारी सेवाओं में भी चयनित हुए हैं। स्टूडेंट्स को पढ़ाई, एडमिशन, सुविधाओं के बारे में दी जानकारी भ्रमण के दौरान महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने छात्रों को इंजीनियरिंग की पढ़ाई, प्रवेश प्रक्रिया और यहां उपलब्ध सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया। प्रो. रंजीत कुमार चौधरी, डॉ. प्रलयंकर कुमार सिंह, प्रो. मनोज कुमार, प्रो. राहुल कुमार और सुजीत कुमार ने कहा कि राज्य सरकार तकनीकी शिक्षा को आसान और सस्ता बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। छात्रों को कॉलेज की अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, लाइब्रेरी, डिजिटल क्लासरूम और स्टार्टअप सेल का भ्रमण कराया गया। शिक्षकों ने बताया कि यहां छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ नवाचार और रिसर्च के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है। स्टार्टअप सेल के माध्यम से छात्र अपने आइडिया को प्रोजेक्ट और व्यवसाय में बदल सकते हैं। डॉ. प्रलयंकर कुमार सिंह ने कहा कि यह दौर टेक्नोलॉजी का है और आने वाला समय पूरी तरह तकनीकी ज्ञान पर आधारित होगा। ऐसे में इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा युवाओं के लिए बेहतर करियर का रास्ता खोल रही है। स्टूडेंट्स बोले- शैक्षणिक माहौल और सुविधाएं काफी बेहतर इस शैक्षणिक भ्रमण में उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय नगमा, +2 उच्च विद्यालय पाई विगहा और रामेश्वर प्रसाद +2 उच्च विद्यालय बेलागंज के छात्र-छात्राएं शामिल हुए। छात्रों ने कॉलेज के शैक्षणिक माहौल और सुविधाओं की सराहना की। अंत में शिक्षकों ने छात्रों को मेहनत, अनुशासन और तकनीकी शिक्षा के महत्व को समझाते हुए लक्ष्य तय कर आगे बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सही दिशा और मेहनत से ही बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है। गयाजी के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने गुरुवार को गया इंजीनियरिंग कॉलेज का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान छात्रों ने न सिर्फ इंजीनियरिंग शिक्षा की जानकारी ली, बल्कि आधुनिक तकनीकी सुविधाओं और अपने करियर की संभावनाओं को भी करीब से समझा। कॉलेज परिसर और लैब का माहौल देखकर छात्रों में खासा उत्साह देखा गया। इस दौरान इंजीनियर कॉलेज के प्रो. राहुल कुमार ने छात्रों को बताया कि सरकार बेहद कम शुल्क में इंजीनियरिंग की पढ़ाई का अवसर दे रही है। नामांकन शुल्क मात्र 10 रुपए रखा गया है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र भी तकनीकी शिक्षा से वंचित न रहें। उन्होंने कहा कि इस कॉलेज से पढ़े कई छात्र देश-विदेश की बड़ी कंपनियों में काम कर रहे हैं, वहीं कई छात्र सरकारी सेवाओं में भी चयनित हुए हैं। स्टूडेंट्स को पढ़ाई, एडमिशन, सुविधाओं के बारे में दी जानकारी भ्रमण के दौरान महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने छात्रों को इंजीनियरिंग की पढ़ाई, प्रवेश प्रक्रिया और यहां उपलब्ध सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया। प्रो. रंजीत कुमार चौधरी, डॉ. प्रलयंकर कुमार सिंह, प्रो. मनोज कुमार, प्रो. राहुल कुमार और सुजीत कुमार ने कहा कि राज्य सरकार तकनीकी शिक्षा को आसान और सस्ता बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। छात्रों को कॉलेज की अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, लाइब्रेरी, डिजिटल क्लासरूम और स्टार्टअप सेल का भ्रमण कराया गया। शिक्षकों ने बताया कि यहां छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ नवाचार और रिसर्च के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है। स्टार्टअप सेल के माध्यम से छात्र अपने आइडिया को प्रोजेक्ट और व्यवसाय में बदल सकते हैं। डॉ. प्रलयंकर कुमार सिंह ने कहा कि यह दौर टेक्नोलॉजी का है और आने वाला समय पूरी तरह तकनीकी ज्ञान पर आधारित होगा। ऐसे में इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा युवाओं के लिए बेहतर करियर का रास्ता खोल रही है। स्टूडेंट्स बोले- शैक्षणिक माहौल और सुविधाएं काफी बेहतर इस शैक्षणिक भ्रमण में उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय नगमा, +2 उच्च विद्यालय पाई विगहा और रामेश्वर प्रसाद +2 उच्च विद्यालय बेलागंज के छात्र-छात्राएं शामिल हुए। छात्रों ने कॉलेज के शैक्षणिक माहौल और सुविधाओं की सराहना की। अंत में शिक्षकों ने छात्रों को मेहनत, अनुशासन और तकनीकी शिक्षा के महत्व को समझाते हुए लक्ष्य तय कर आगे बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सही दिशा और मेहनत से ही बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है।


