बेगूसराय के चांदपुरा स्थित प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में पशुपालकों को जागरूक करने के उद्देश्य से पशु एंबुलेंस सेवा के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। चिकित्सक डॉ. धनंजय ने बताया कि अक्सर जानकारी के अभाव में पशुपालक अपने बीमार या घायल पशुओं का समय पर इलाज नहीं करा पाते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अब पशुपालकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकार द्वारा मोबाइल पशु एंबुलेंस सेवा संचालित की जा रही है। डॉ. धनंजय ने बताया कि यदि किसी पशु के अचानक बीमार पड़ने, सड़क दुर्घटना में घायल होने या प्रसव संबंधी जटिलता जैसी आपात स्थिति उत्पन्न होती है, तो पशुपालक हेल्पलाइन नंबर 1962 पर कॉल कर सकते हैं। कॉल प्राप्त होते ही चिकित्सकीय टीम संबंधित स्थान की जानकारी लेकर मोबाइल एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंचती है और पशु का प्राथमिक उपचार करती है। आगे उन्होंने बताया कि यह सेवा कार्यदिवसों में उपलब्ध है। रविवार और घोषित सरकारी अवकाश को छोड़कर प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक यह सुविधा संचालित की जाती है। बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा चलाई जा रही यह सेवा विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों के लिए काफी लाभकारी सिद्ध हो रही है। डॉ. धनंजय ने पशुपालकों से अपील की कि वे इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अन्य लोगों को भी इसके बारे में जानकारी दें। साथ ही उन्होंने पशुओं के नियमित टीकाकरण, समय-समय पर स्वास्थ्य जांच, स्वच्छता और संतुलित आहार पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ पशुधन ही पशुपालकों की आर्थिक समृद्धि का आधार है, इसलिए पशुओं की देखभाल में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। बेगूसराय के चांदपुरा स्थित प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में पशुपालकों को जागरूक करने के उद्देश्य से पशु एंबुलेंस सेवा के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। चिकित्सक डॉ. धनंजय ने बताया कि अक्सर जानकारी के अभाव में पशुपालक अपने बीमार या घायल पशुओं का समय पर इलाज नहीं करा पाते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अब पशुपालकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकार द्वारा मोबाइल पशु एंबुलेंस सेवा संचालित की जा रही है। डॉ. धनंजय ने बताया कि यदि किसी पशु के अचानक बीमार पड़ने, सड़क दुर्घटना में घायल होने या प्रसव संबंधी जटिलता जैसी आपात स्थिति उत्पन्न होती है, तो पशुपालक हेल्पलाइन नंबर 1962 पर कॉल कर सकते हैं। कॉल प्राप्त होते ही चिकित्सकीय टीम संबंधित स्थान की जानकारी लेकर मोबाइल एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंचती है और पशु का प्राथमिक उपचार करती है। आगे उन्होंने बताया कि यह सेवा कार्यदिवसों में उपलब्ध है। रविवार और घोषित सरकारी अवकाश को छोड़कर प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक यह सुविधा संचालित की जाती है। बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा चलाई जा रही यह सेवा विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों के लिए काफी लाभकारी सिद्ध हो रही है। डॉ. धनंजय ने पशुपालकों से अपील की कि वे इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अन्य लोगों को भी इसके बारे में जानकारी दें। साथ ही उन्होंने पशुओं के नियमित टीकाकरण, समय-समय पर स्वास्थ्य जांच, स्वच्छता और संतुलित आहार पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ पशुधन ही पशुपालकों की आर्थिक समृद्धि का आधार है, इसलिए पशुओं की देखभाल में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।


