पति निकला प्रेग्नेंट पत्नी और 3 बेटियों का हत्यारा:मर्डर को एक्सीडेंट दिखाने के लिए इनोवा से भिड़ाई कार, चौथी बेटी ने खोला राज, पार्ट-2

पति निकला प्रेग्नेंट पत्नी और 3 बेटियों का हत्यारा:मर्डर को एक्सीडेंट दिखाने के लिए इनोवा से भिड़ाई कार, चौथी बेटी ने खोला राज, पार्ट-2

राजस्थान क्राइम फाइल्स के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि 4 अक्टूबर 2016 की रात सवा 11 बजे के आस-पास जोधपुर जिले में बिलाड़ा से भावी रोड पर भावी के पास दो कारों में जोरदार भिड़ंत हो गई। एक्सीडेंट में अजमेर जिले के बबायचा गांव की रहने वाली 8 महीने की प्रेग्नेंट ललिता देवी (29) और उसकी तीन बच्चियों संतोष (6), जमुना (4) और काजल (3) की मौत हो जाती है। पति राजेंद्र उर्फ राजूराम बंजारा भी गंभीर रूप से घायल हो जाता है। वह कार ड्राइव कर रहा था। उसे जोधपुर रेफर कर दिया जाता है। मामले में राजेंद्र के ससुर जयराम गवारिया अपने दामाद पर अपनी बेटी ललिता और तीन दोहितियों की हत्या का आरोप लगाते हैं। अब पढ़िए आगे की कहानी… 4 बच्चे घर पर थे
जयराम गवारिया ने पुलिस को बताया कि उनकी चौथी दोहिती कविता ने इस घटना से दो दिन पहले 2 अक्टूबर की रात में उन्हें फोन पर बताया था कि उसके पापा राजेंद्र ने उसे और उसकी मां ललिता को जान से मारने की कोशिश की। इससे पहले भी उन्हें ये बात उनकी बेटी ललिता ने भी बताई थी कि उसके और उसके पति राजेंद्र के बीच सबकुछ ठीक नहीं है। अब तक दोनों के 7 बच्चे हो गए थे। एक्सीडेंट में मारी गई संतोष, जमुना और काजल के अलावा भी उसके कविता, करीना, अभिषेक और महेंद्र नाम से 4 और बच्चे थे। ये चारों घटना के वक्त राजेंद्र और ललिता के साथ नहीं थे। आरोपों की पुष्टि के लिए इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर और एसएचओ घेवर सिंह ने तत्काल जयराम गवारिया को अपनी दोहिती कविता को थाने बुलाने को कहा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने जांच की दिशा बदली
अगली सुबह पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट भी एसएचओ घेवर सिंह की टेबल पर पहुंच गई थी। इसे पढ़ते ही उनका माथा ठनक गया था। वाकई ये एक्सीडेंट नहीं, मर्डर था। ललिता और तीनों बच्चियों में से किसी की भी मौत एक्सीडेंट टाइम से मैच नहीं हो रही थी। उनकी मौत तो एक्सीडेंट से कई घंटे पहले ही हो गई थी। ललिता के सिर पर किसी धारदार हथियार की गहरी चोट थी। हालांकि उसकी और उसकी तीनों बच्चियों की मौत दम घुटने से हुई थी। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट ने इस केस की इन्वेस्टिगेशन की दिशा बदल दी थी। हत्या के आरोप युवक को थाने बुलाकर पूछताछ
एसएचओ घेवर सिंह ने तत्काल एक पुलिस टीम जोधपुर हॉस्पिटल भेजी और राजेंद्र जो अब तक काफी रिकवर हो चुका था, को कस्टडी में लेकर पूछताछ के लिए थाने बुलवा लिया। इधर जयराम की चौथी दोहिती कविता भी थाने में आ गई थी। उसने पुलिस को बताया कि तीन दिन पहले उसकी मम्मी और पापा के बीच घर में जोरदार झगड़ा हुआ था। तब गुस्से में उसके पापा ने उसे और उसकी मम्मी ललिता को मारने का प्रयास किया था। हालांकि तब पड़ोसियों ने बचा लिया था। पड़ोसियों से पूछताछ में कविता की कही बातों की पुष्टि हो गई। पति-पत्नी के बीच झगड़े होते रहते थे
पुलिस टीम ने राजेंद्र से पूछताछ शुरू की। उसने पत्नी और तीनों बेटियों की हत्या की बात कबूल कर ली। उसने पुलिस को बताया कि उसके और ललिता के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था। दोनों के बीच आए दिन झगडे़ होते रहते थे। वहीं आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। राजेंद्र ने बताया कि उस दिन वो अजमेर के बबायचा गांव से ललिता और तीन बच्चियों को कार में पैतृक गांव चिचड़ली जा रहा था। इस दौरान उसकी मर्डर की कोई प्लानिंग नहीं थी। तभी वो बीच में रास्ता भूल गया और उसने गलत रास्ता पकड़ लिया। बाद में पाली से बिलाड़ा मोड़ होते हुए किसी से पूछकर उसने वापस चिचड़ली का रास्ता पकड़ा। चलती कार में पत्नी झगड़ने लगी थी
इस दौरान उसकी पत्नी ललिता उस पर शक करने लगी कि उसने जानबूझकर रास्ता बदल दिया है और वो उसे मारने की प्लानिंग कर रहा है। धीरे-धीरे दोनों में कई और बातों को लेकर चलती कार में ही झगड़ा होने लगा। बात ज्यादा बढ़ गई तो राजेंद्र ने सोजत सिटी मार्ग पर 8 माह की प्रेग्नेंट पत्नी ललिता के सिर पर कार में पड़े एक औजार से वार किया। वार इतना तेज था कि ललिता तड़पने लग गई थी। इसके बाद राजेंद्र ने तड़पती ललिता के नाक व मुंह अपने हाथों से बंद करके उसे मार दिया। इसके बाद उसने बारी-बारी से अपनी तीन मासूम बेटियों को भी नाक व मुंह बंद करके मार दिया। मर्डर के बाद शव लेकर घंटों घूमा
मर्डर करने के बाद राजेंद्र घंटों कार में अपनी पत्नी और बच्चियों की डेड बॉडीज को लेकर घूमता रहा। आखिरकार उसने इस पूरी घटना को एक्सीडेंट बनाने की साजिश रच ली। इसी प्लानिंग के तहत रात 11 बजे के आस-पास भावी रेलवे फाटक के आगे सामने से आ रही इनोवा कार से जान बूझकर अपनी नैनो कार को भिड़ा दिया। भिड़ंत में राजेंद्र को भी मामूली चोटें आईं लेकिन उसने इस तरह से नाटक किया जैसे वो भी सीरियस इंजर्ड हुआ हो। यही वजह रही कि डॉक्टरों ने उसे बिलाड़ा हॉस्पिटल लाते ही जोधपुर रेफर कर दिया। आजीवन कारावास की सजा
इन्वेस्टिगेशन में मर्डर की इस हैरतंगेज कहानी के सामने आने के बाद बिलाड़ा पुलिस ने राजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया और उसकी निशानदेही पर कार से मर्डर वेपन भी जब्त कर लिया। बाद में राजेंद्र को कोर्ट से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। लंबी ट्रायल के बाद जोधपुर ACJM कोर्ट ने 4 दिसंबर 2020 में उसे आजीवन कारावास की सजा दे दी। पिता बोले- हादसा नहीं हत्या, मेरी बेटी को मार डाला:एक्सीडेंट में प्रेग्नेंट महिला और 3 बच्चियों की मौत, पति कैसे बच गया; पार्ट-1

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