Calgary Crime: कनाडा के कैलगरी शहर में एक बार फिर गोलियों की गूंज से दहशत का माहौल है। शहर के दक्षिण-पूर्वी इलाके में स्थित एक प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठान ‘मालवा टायर्स’ पर हुई हालिया फायरिंग (Canada Shooting) ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। इस घटना को लेकर सबसे बड़ा और चौंकाने वाला अपडेट यह है कि कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गिरोह (Lawrence Bishnoi) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह दावा सोशल मीडिया के जरिए किया गया है, जिसके बाद से कनाडा से लेकर भारत तक हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट में टायसन बिश्नोई और आरजू बिश्नोई नाम के कथित गैंग सदस्यों ने खुलेआम इस वारदात को अंजाम देने की बात कुबूल की है। पोस्ट में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि ‘मालवा टायर्स’ 8616, 44 स्ट्रीट एसई, कैलगरी (Calgary News) पर जो गोलियां चली हैं, उसके पीछे लॉरेंस गैंग (Gang Violence) का ही हाथ है। इसी संदेश के साथ हरप्रीत बराड़ से जुड़ा एक पुराना फायरिंग का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसने आम जनता के बीच खौफ को और बढ़ा दिया है।

स्थानीय लोगों और व्यापारी वर्ग में भारी आक्रोश और डर
इस घटना के बाद से कैलगरी के स्थानीय लोगों और व्यापारी वर्ग में भारी आक्रोश और डर है। कनाडाई नागरिकों और वहां रह रहे भारतीय प्रवासियों ने बढ़ते गैंगवार और रंगदारी की घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है। पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कैसे विदेशी धरती पर बैठकर ये गिरोह इतनी आसानी से वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों ने हाई-लेवल जांच शुरू कर दी
घटना के तुरंत बाद कनाडाई सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई-लेवल जांच शुरू कर दी है। सबसे पहले सोशल मीडिया पोस्ट और उस वायरल वीडियो की प्रामाणिकता की जांच की जा रही है। पुलिस की साइबर सेल यह पता लगाने में जुटी है कि क्या टायसन और आरजू बिश्नोई वास्तव में इस घटना से जुड़े हैं या यह केवल दहशत फैलाने की एक साजिश है। फिलहाल, अधिकारियों ने इस मामले में किसी भी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है, लेकिन इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है।
भारत-कनाडा सुरक्षा कूटनीति: : एक नजर
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब भारत और कनाडा अंतरराष्ट्रीय अपराधों और हिंसक उग्रवाद से निपटने के लिए एक मंच पर आने की कोशिश कर रहे हैं। कनाडा में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि दोनों देशों को सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की सख्त जरूरत है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की आगामी भारत यात्रा से पहले, यह मुद्दा और भी गरमा गया है। हाल ही में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने अपनी कनाडाई समकक्ष नताली ड्रौइन और लोक सुरक्षा मंत्री के साथ ओटावा में लंबी बातचीत की थी। इस दौरान फेंटानिल तस्करी, साइबर क्राइम, अवैध आव्रजन और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराधों से निपटने के लिए एक मजबूत कार्य योजना (एक्शन प्लान) तैयार करने पर सहमति बनी थी। यह फायरिंग की घटना दिखाती है कि दोनों देशों को इस कार्य योजना को जल्द से जल्द जमीन पर उतारने की जरूरत है। (इनपुट: ANI)


