केंद्र सरकार ने दिसंबर, 2025 और जनवरी, 2026 में कबाड़ बेचकर 200 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है। सोमवार को जारी ‘सचिवालय सुधार’ रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) द्वारा जारी मासिक रिपोर्ट के 27वें संस्करण में कहा गया कि कुल कमाई में से अकेले जनवरी, 2026 में 115.85 करोड़ रुपये हासिल हुए, जिसमें रेलवे, भारी उद्योग और कोयला मंत्रालय का बड़ा योगदान था।
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रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो महीनों के दौरान कबाड़ बेचने से कुल 200.21 करोड़ रुपये की आय हुई।
कार्मिक मंत्रालय ने कहा कि यह रिपोर्ट सरकार की उन पहल का विश्लेषण प्रस्तुत करती है, जिनका उद्देश्य शासन और प्रशासन में सुधार लाना है।
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सचिवालय सुधार: जगह भी बची और पैसा भी आया
कार्मिक मंत्रालय के अनुसार, यह रिपोर्ट केवल कमाई का आंकड़ा नहीं है, बल्कि सरकार की उस कार्यशैली का विश्लेषण है जिसका उद्देश्य शासन और प्रशासन में सुधार लाना है।
जगह का सदुपयोग: कबाड़ हटने से कार्यालयों में लाखों वर्ग फुट जगह खाली हुई है, जिसका उपयोग अब बेहतर कार्य वातावरण बनाने के लिए किया जा रहा है।
डिजिटलीकरण को बढ़ावा: पुरानी फाइलों के निपटारे से ‘ई-ऑफिस’ की अवधारणा को मजबूती मिली है।
स्वच्छता अभियान 4.0: यह सफलता सरकार के विशेष स्वच्छता अभियानों का परिणाम है, जहां कबाड़ का निपटारा एक व्यवस्थित प्रक्रिया के तहत किया गया।
“यह पहल दर्शाती है कि कैसे बेहतर प्रबंधन और प्रशासनिक इच्छाशक्ति के जरिए हम कचरे को कंचन (Wealth from Waste) में बदल सकते हैं।”


