इंदौर के मधुमिलन से छावनी पुल तक सड़क चौड़ीकरण को लेकर छावनी रोड इन दिनों शहर की नई सियासी-प्रशासनिक बहस का केंद्र बनी हुई है। 24 मीटर चौड़ाई के आधार पर बाधक निर्माण हटाने के नोटिस जारी होने के बाद क्षेत्र में असंतोष बढ़ा, मामला अदालत पहुंचा और अब इंदौर नगर निगम ने नोटिस प्रभावहीन कर दिए हैं। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि रहवासी अब भी असमंजस में हैं। कुछ दिन पहले सड़क पर सेंटर लाइन डाले जाने के बाद रहवासियों को चौड़ीकरण की आशंका हुई। जोन-11 के भवन अधिकारी ने 24 मीटर चौड़ाई में आ रहे हिस्सों को हटाने के नोटिस जारी कर दिए। इसके विरोध में रावत परिवार सहित अन्य प्रभावितों ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की शरण ली। एडवोकेट जयेश गुरनानी का कहना है कि वर्षों पहले 18 मीटर चौड़ाई के हिसाब से भवन निर्माण की अनुमतियां दी गई थीं। जब निगम ने खुद नक्शा पास किया, टैक्स लिया और अब अचानक 24 मीटर का हवाला देकर नोटिस दे दिया, तो रहवासी जाएं तो जाएं कहां जाएं? दो मानक, एक सड़क इंदौर विकास योजना 2021 में इस मार्ग की चौड़ाई 24 मीटर दर्शाई गई है। वहीं, पुराने रिकॉर्ड में 18 मीटर के आधार पर निर्माण अनुमति दी गई। यही विरोधाभास पूरे विवाद की जड़ है। कानून के मुताबिक बिना विधिक प्रक्रिया और अधिग्रहण के सीधे तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं हो सकती है। अभिभाषकों का कहना है कि पूर्व में भी न्यायालय ने प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश दिए थे। सुनवाई से ठीक पहले निगम ने नोटिस को प्रभावहीन करने का निर्णय लिया और आश्वासन दिया कि आगे की कार्रवाई नियमों के तहत ही होगी। 20 फरवरी को 24 फीट मानकर लगाए थे निशान बीते सप्ताह इंदौर नगर निगम ने एक बार फिर छावनी सड़क पर तोड़फोड़ की तैयारी कर ली थी। निगम की टीम इस सड़क की चौड़ाई 80 फीट मानकर ही निशान लगाए थे। निगम की इस कार्रवाई से रहवासियों और दुकानदारों में आक्रोश है। रहवासियों की मांग है कि सड़क की चौड़ाई 80 नहीं 60 फीट रखी जाए। मधुमिलन चौराहे से जगन्नाथ धर्मशाला तक लगभग 870 फीट सड़क मास्टर प्लान योजना के अंतर्गत बनाई जाना है। 600 से ज्यादा मकान होंगे प्रभावित छावनी और सुभाष मार्ग के चौड़ीकरण में 600 से ज्यादा मकान बाधक हैं। छावनी सड़क पर 328 तो सुभाष मार्ग पर 304 मकान चिह्नित किए हैं। दोनों जगह मिलाकर 100 से ज्यादा मकान पूरे खत्म हो रहे हैं। दोनों ही जगह रहवासी सड़कों की चौड़ाई कम रखने की मांग कर रहे हैं। महापौर परिषद सदस्य भी उठा चुके हैं मांग रहवासियों के साथ जनप्रतिनिधि भी छावनी सड़क की चौड़ाई कम करने की मांग उठा चुके हैं। विधायक गोलू शुक्ला और महापौर परिषद सदस्य मनीष शर्मा मामा ने भी मास्टर प्लान की सड़कों को लेकर हुई बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया था, लेकिन सहमति नहीं बन सकी थी। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि मास्टर प्लान में शामिल किसी भी सड़क की चौड़ाई कम नहीं की जाएगी। अब जब बाधक मकानों पर दोबारा निशान लगाए जा रहे हैं तो एक बार फिर यह मामला उठ गया है।


