उत्पाद विभाग ने 10.5 लीटर विदेशी शराब पकड़ी, दो गिरफ्तार:किशनगंज में एंबुलेंस से शराब तस्करी का हुआ खुलासा

उत्पाद विभाग ने 10.5 लीटर विदेशी शराब पकड़ी, दो गिरफ्तार:किशनगंज में एंबुलेंस से शराब तस्करी का हुआ खुलासा

बिहार में शराबबंदी कानून सख्ती से लागू होने के बावजूद अवैध शराब की तस्करी जारी है। होली से पहले तस्कर नए तरीके अपना रहे हैं। इसी क्रम में किशनगंज के फरिंगोला जांच चौकी पर उत्पाद विभाग ने एंबुलेंस से हो रही शराब तस्करी का भंडाफोड़ किया है। टीम ने भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की और दो तस्करों को गिरफ्तार किया। उत्पाद विभाग की टीम को फरिंगोला जांच चौकी पर पश्चिम बंगाल से आ रही एक संदिग्ध एंबुलेंस (TG 12 T 2748) पर शक हुआ। आमतौर पर एंबुलेंस मरीजों को ले जाने के लिए इस्तेमाल होती है, लेकिन इस वाहन में कोई मरीज नहीं था। संदेह होने पर टीम ने एंबुलेंस की गहन जांच की। तलाशी में कुल 10.500 लीटर विदेशी शराब बरामद जांच के दौरान पता चला कि एंबुलेंस में छिपाकर विदेशी शराब की एक बड़ी खेप लाई जा रही थी। तस्करों ने जांच अधिकारियों को चकमा देने के लिए एंबुलेंस का दुरुपयोग किया था, क्योंकि ऐसे वाहनों की जांच आमतौर पर कम की जाती है। तलाशी में कुल 10.500 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई, जो बिहार में प्रतिबंधित है। इस कार्रवाई में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। इनकी पहचान तेलंगाना के हुसैनाबाद निवासी के. सतीश और के. वेंकट के रूप में हुई है। ये दोनों एंबुलेंस चला रहे थे और शराब की इस खेप को बिहार में पहुंचाने की योजना बना रहे थे। सभी चेक पोस्टों पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि होली के त्योहार से पहले सीमावर्ती जिलों में शराब तस्करी बढ़ जाती है। इसे देखते हुए सभी चेक पोस्टों पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। किशनगंज नेपाल और पश्चिम बंगाल की सीमा से सटा होने के कारण तस्करों के लिए एक आसान मार्ग बन जाता है। विभाग ने चालाक तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का संकल्प लिया है। यह घटना बिहार में शराबबंदी कानून को लागू करने में आ रही चुनौतियों को दर्शाती है, जहां तस्कर अब एंबुलेंस जैसे संवेदनशील वाहनों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। बिहार में शराबबंदी कानून सख्ती से लागू होने के बावजूद अवैध शराब की तस्करी जारी है। होली से पहले तस्कर नए तरीके अपना रहे हैं। इसी क्रम में किशनगंज के फरिंगोला जांच चौकी पर उत्पाद विभाग ने एंबुलेंस से हो रही शराब तस्करी का भंडाफोड़ किया है। टीम ने भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की और दो तस्करों को गिरफ्तार किया। उत्पाद विभाग की टीम को फरिंगोला जांच चौकी पर पश्चिम बंगाल से आ रही एक संदिग्ध एंबुलेंस (TG 12 T 2748) पर शक हुआ। आमतौर पर एंबुलेंस मरीजों को ले जाने के लिए इस्तेमाल होती है, लेकिन इस वाहन में कोई मरीज नहीं था। संदेह होने पर टीम ने एंबुलेंस की गहन जांच की। तलाशी में कुल 10.500 लीटर विदेशी शराब बरामद जांच के दौरान पता चला कि एंबुलेंस में छिपाकर विदेशी शराब की एक बड़ी खेप लाई जा रही थी। तस्करों ने जांच अधिकारियों को चकमा देने के लिए एंबुलेंस का दुरुपयोग किया था, क्योंकि ऐसे वाहनों की जांच आमतौर पर कम की जाती है। तलाशी में कुल 10.500 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई, जो बिहार में प्रतिबंधित है। इस कार्रवाई में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। इनकी पहचान तेलंगाना के हुसैनाबाद निवासी के. सतीश और के. वेंकट के रूप में हुई है। ये दोनों एंबुलेंस चला रहे थे और शराब की इस खेप को बिहार में पहुंचाने की योजना बना रहे थे। सभी चेक पोस्टों पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि होली के त्योहार से पहले सीमावर्ती जिलों में शराब तस्करी बढ़ जाती है। इसे देखते हुए सभी चेक पोस्टों पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। किशनगंज नेपाल और पश्चिम बंगाल की सीमा से सटा होने के कारण तस्करों के लिए एक आसान मार्ग बन जाता है। विभाग ने चालाक तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का संकल्प लिया है। यह घटना बिहार में शराबबंदी कानून को लागू करने में आ रही चुनौतियों को दर्शाती है, जहां तस्कर अब एंबुलेंस जैसे संवेदनशील वाहनों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।  

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