पंजाब पुलिस ASI-होमगार्ड हत्याकांड, जिम्मेदारी लेने वाला TTH क्या है:PAK में एक्टिव टेररिस्ट ग्रुप TTP से इसका क्या संबंध, जानिए सभी सवालों के जवाब

पंजाब पुलिस ASI-होमगार्ड हत्याकांड, जिम्मेदारी लेने वाला TTH क्या है:PAK में एक्टिव टेररिस्ट ग्रुप TTP से इसका क्या संबंध, जानिए सभी सवालों के जवाब

गुरदासपुर में पाकिस्तान सीमा से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर भारतीय क्षेत्र में आदियां गांव में बनी पंजाब पुलिस की चौकी में ड्यूटी पर तैनात ASI गुरनाम सिंह और होमगार्ड अशोक कुमार की हत्या कर दी गई। ASI के सिर और होमगार्ड के सीने में गोली मारी गई। रविवार देर शाम एक CCTV फुटेज भी सामने आया, जिसमें संदिग्ध बाइक पर भागते दिख रहे हैं। शनिवार और रविवार की दरमियानी रात हुईं इन हत्याओं की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान नाम के आतंकी संगठन ने ली है। संगठन की ओर से इसके लिए बाकायदा एक पोस्टर जारी किया गया, जिसमें लिखा है- आज 22 फरवरी 2026 को तड़के गजवा-ए-हिंद में एक और सफलता हासिल हुई, जब तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान के अल-बुर्क ब्रिगेड ने दुरंगला पुलिस स्टेशन पर हमला किया। तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान ने इस हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की है, जिसमें दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए। भविष्य में भारतीय सरकारी वर्दीधारी अधिकारियों के खिलाफ ऐसे हमले और भी तीव्र रूप से जारी रहेंगे। जनता को सलाह दी जाती है कि वे सेना, पुलिस और बीएसएफ बलों से इस्तीफा दे दें, अन्यथा उन्हें उनके घरों में निशाना बनाया जाएगा। हालांकि, स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने इस पोस्टर की पुष्टि नहीं की। गुरदासपुर के SSP आदित्य ने कहा कि इस आतंकी संगठन के वायरल पोस्टर की जांच की जा रही है। उन्होंने ऐसे किसी आतंकी संगठन के सक्रिय होने के भी पुष्टि नहीं की। आखिर क्या है आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH), जिसने दोनों पुलिसवालों की हत्या की जिम्मेदारी ली? क्या इसका अफगानिस्तान में एक्टिव आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से कोई संबंध है? संगठन ने पंजाब में हमला क्यों किया? जानिए सभी सवालों के जवाब… सवाल नं. 1- क्या है तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान? जवाब – जिस आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) ने गुरदासपुर में पुलिसवालों की हत्या की जिम्मेदारी ली है, पुलिस के मुताबिक इस नाम से कोई ऑफिशियल या एक्टिव टेररिस्ट ग्रुप अस्तित्व में नहीं है। यह नाम असल में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का एक पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा वर्जन है, जिसे भारत विरोधी नैरेटिव बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह नाम कभी-कभी अफवाहें फैलाने या सोशल मीडिया पर प्रचार के रूप में इस्तेमाल होता है। अब तक किसी बड़ी वारदात में इसका नाम नहीं आया। TTP को पाकिस्तान में फितना अल-हिंदुस्तान के नाम से भी संबोधित किया जाने लगा है। सवाल नं. 2 – TTH का TTP से क्या संबंध है? जवाब – माना जाता है कि TTH को भारत में दहशत फैलाने के लिए TTP ने ही बनाया गया था, लेकिन आधिकारिक रूप से इसकी दहशतगर्दी के निशान अब तक भारत में कहीं मिले नहीं हैं। TTP ने 2013 में एक बयान में कहा था कि वे भारत में भी शरिया लागू करना चाहते हैं और कश्मीर में सक्रिय होने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, उसके बाद कोई बड़ा ऑपरेशन या तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान नाम का ग्रुप भारत में सामने नहीं आया। यह ज्यादातर प्रचार या धमकी का हिस्सा था। सवाल नं. 3 – TTP पाकिस्तान में क्यों दहशत फैला रहा? जवाब – तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) पाकिस्तान में एक प्रमुख दहशतगर्द संगठन है। इसे 2007 में बनाया गया। इसका मुख्य लक्ष्य पाकिस्तान में शरिया आधारित अमीरात कायम करना है। यह अफगान तालिबान से अलग है, लेकिन विचारधारा में काफी करीब है। TTP पाकिस्तान में सेना, पुलिस और नागरिकों पर हमले करता रहता है। पाकिस्तान सरकार और सेना TTP को भारत समर्थित बताकर भारत पर आरोप लगाती है। पाक PM शहबाज शरीफ और अन्य अधिकारियों ने कई बार कहा है कि TTP के हमले अफगानिस्तान से हो रहे हैं और भारत उनका बैकिंग कर रहा है। भारत ने इन आरोपों को बार-बार खारिज किया है और इन्हें पाकिस्तान की अपनी असफलताओं को छिपाने की कोशिश बताया है। सवाल नं. 4 – TTH ने पंजाब में हमला क्यों किया? जवाब – पंजाब में गुरदासपुर के दुरंगला पुलिस पोस्ट पर तैनात 2 पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या की गई। रविवार शाम (22 फरवरी) को सोशल मीडिया पर पोस्टर शेयर किए गए, जिनमें तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान नाम का ग्रुप जिम्मेदारी ले रहा था। पोस्टर पाकिस्तान-बेस्ड होने का दावा किया गया। हालांकि, पंजाब पुलिस ने स्पष्ट कहा है कि यह ग्रुप पंजाब में या पूरे भारत में कहीं भी मौजूद नहीं है। यह दावा फर्जी या प्रोपेगैंडा है। पुलिस ने इसे खारिज कर दिया है और जांच जारी है। बड़ी बात यह है कि पोस्टर में इस बात का जिक्र नहीं किया गया कि ये हत्याएं क्यों की गईं। इस वारदात को गजवा-ए-हिंद की सफलता बताया गया, जिसका मतलब है भारत को भी इस्लामी राष्ट्र बनाने साजिश। पोस्टर में भारतीय सुरक्षाबलों को चेतावनी दी गई कि वे इस्तीफा दे दें, नहीं तो उन्हें घर में घुसकर निशाना बनाया जाएगा। अंत में दोनों पुलिसवालों की मौत का पूरा मामला जानिए… गुरदासपुर में दुरंगला पुलिस पोस्ट पर तैनात ASI गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार की शनिवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। चौकी में ASI की डेडबॉडी कुर्सी पर तो होमगार्ड की चारपाई में रजाई के अंदर मिली। जिस पोस्ट पर इनकी लाश मिली, वह भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर से महज डेढ़ किमी दूर है। दोनों पुलिसकर्मियों की ड्यूटी इसी पुलिस चौकी में थी। इनके अलावा कोई तीसरा यहां तैनात नहीं था। पुलिस जांच में गोलियों के करीब 4 खोल मिले। SSP बोले- मामले की जांच चल रही गुरदासपुर के SSP आदित्य ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे। पुलिस पोस्ट पर तैनात 2 पुलिसकर्मियों की गोली लगने से मौत हुई है। दोनों जवान मृतक हालत में चौकी के कमरे में मिले थे। फॉरेंसिक टीमें मौके पर जांच कर रही हैं। उनसे जब पूछा गया कि इस मामले में आतंकी हमले या गैंगस्टरों के कत्ल करने से भी जोड़ा जा रहा है, तो उन्होंने कहा कि पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा- हमारी तकनीकी और फोरेंसिक टीम जांच कर रही हैं। ॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… आतंकी संगठन का दावा- ASI-होमगार्ड जवान की हत्या हमने की:गुरदासपुर पुलिस चौकी में मिली लाशें; TTH बोला- आर्मी-BSF-पुलिस छोड़ें वर्ना घर टारगेट करेंगे गुरदासपुर में पंजाब पुलिस की चौकी में ASI और होमगार्ड की गोली लगने से मौत हो गई। चौकी में एक की डेडबॉडी कुर्सी पर तो दूसरे की चारपाई में रजाई के अंदर मिली। मौत का पता तब चला, जब चौकी में किसी ने उनका फोन नहीं उठाया। पूरी खबर पढ़ें…

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