Khairthal-Tijara: खुशखेड़ा ब्लास्ट केस में मास्टरमाइंड फैक्टरी संचालक गिरफ्तार, 7 मजदूरों की हुई थी मौत

Khairthal-Tijara: खुशखेड़ा ब्लास्ट केस में मास्टरमाइंड फैक्टरी संचालक गिरफ्तार, 7 मजदूरों की हुई थी मौत

खैरथल-तिजारा जिले के खुशखेड़ा अवैध पटाखा फैक्टरी मामले में मुख्य संचालक हेमंत सचदेवा को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की 3 टीमें भेजी गई थीं। गिरफ्तारी के बाद उसे भिवाड़ी लाकर पूछताछ की जा रही है। हादसे में 7 मजदूरों की मौत हुई थी।

यह है पूरा मामला

खुशखेड़ा पटाखा फैक्टरी हादसे में आग लगने से 7 श्रमिक की मौत और चार घायल हुए थे। इसके बाद पुलिस प्रशासन की छापेमारी में एक अन्य फैक्टरी और गोदाम पकड़ा गया था। इस मामले में अभी तक किरायानामा करने वाला हेमंत शर्मा और सुपरवाइजर अभिनंदन तिवारी को गिरफ्तार कर पीसी रिमांड पर लिया जा चुका है। हेमंत सचदेवा को ही पटाखा निर्माण, मार्केटिंग और कच्चा माल मंगाने का मुख्य आरोपी माना जा रहा है। सचदेवा से पुलिस टीम पूछताछ कर रही है।

आरोपी से पुलिस कर रही पूछताछ

जानकारी के अनुसार सचदेवा ने उद्योग क्षेत्र में किस तरह उत्पादन शुरू किया, इसके बारे में पूछताछ की जा रही है। जांच टीम कच्चे माल की आपूर्ति, भंडारण, सुरक्षा मानकों की अनदेखी, श्रमिकों से कराए जाने वाले काम, संभावित सहयोगियों, वित्तीय लेनेदेन की जानकारी जुटा रही है। तकनीकि साक्ष्य, कॉल विवरण और दस्तावेजों का मिलान कर पूरे नेटवर्क को चिन्हित करने की तैयारी की जा रही है। अभी तक की पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारी सचदेवा ने दी हैं, जिससे पूरे सिस्टम को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

अन्य सहयोगियों के नाम का भी जल्द खुलासा

पुलिस पथरेड़ी पटाखा फैक्टरी में आगजनी से लेकर खुशखेड़ा हादसे को लेकर पूरी जानकारी जुटा रही है। पथरेड़ी आगजनी में भी कई तरह की गुत्थियां हैं, जिन्हें सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। पथरेड़ी में फैक्टरी सीज होने के बाद आगजनी होने, मुकदमा दर्ज होने के बाद मामला ठंडा पड़ गया था। सचदेवा के पकड़े जाने के बाद अवैध पटाखा कारोबार में सहयोग करने वालों की सूची तैयार की जा रही है।

जिम्मेदारी तय नहीं

खुशखेड़ा अवैध पटाखा फैक्टरी मामले में अभी तक प्रशासन की कार्रवाई सामने नहीं आई है। जिन विभागों के ऊपर अवैध पटाखा उत्पादन को रोकने की जिम्मेदारी थी, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सभी विभाग अभी तक बचे हुए हैं। आरोपियों को पकड़ा जा रहा है लेकिन जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं होने से भी सवाल उठने लगे हैं। पटाखा फैक्टरी मामले को लेकर खुशखेड़ा थाने के बीट कांस्टेबल राकेश और बीट अधिकारी एएसआई राजकुमार को चार्जशीट दी गई है।

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