Eric Dane Dies After ALS : 40 की उम्र के बाद होती है ये ‘लाइलाज’ बीमारी, लक्षण हैं सामान्य, जिसने ली इस फेमस एक्टर की जान

Eric Dane Dies After ALS : 40 की उम्र के बाद होती है ये ‘लाइलाज’ बीमारी, लक्षण हैं सामान्य, जिसने ली इस फेमस एक्टर की जान

Eric Dane Dies After ALS : हॉलीवुड के फेमस एक्टर एरिक डेन का 53 वर्ष की आयु में गुरुवार को निधन हो गया। इनकी मौत का कारण एमियोट्रोफिक लैटरल स्क्लेरोसिस (Amyotrophic Lateral Sclerosis) है जिससे वो पिछले साल से लड़ रहे थे। एक्टर इस दुर्लभ और लाइलाज जैसी बीमारी को लेकर लगातार बात कर रहे थे। साथ ही सोशल मीडिया पर भी जागरूक करने का काम कर रहे थे।

एरिक के परिवार ने निधन होने पर एक बयान में बताया, “भारी मन से यह सूचित करते हैं कि एरिक डेन का गुरुवार (19 फरवरी) को एएलएस (ALS) के कारण निधन हो गया। वो अपने आखिरी दिन दोस्तों, अपनी पत्नी और अपनी दो बेटियों (बिली और जॉर्जिया) के बीच बिताए, जो उनके लिए सबकुछ थीं।”

आइए, एमियोट्रोफिक लैटरल स्क्लेरोसिस (Amyotrophic Lateral Sclerosis) के बारे में विस्तार से जानते हैं-

एमियोट्रोफिक लैटरल स्क्लेरोसिस (Amyotrophic Lateral Sclerosis) क्या है?

एमियोट्रोफिक लैटरल स्क्लेरोसिस एक लाइलाज और दुर्लभ बीमारी बताई जाती है। यह घातक ‘न्यूरोलॉजिकल’ बीमारी (Motor Neurone Disease) है। यह मुख्य रूप से नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) को प्रभावित करती है।

बोलने, चबाने और सांस लेने की क्षमता तक नहीं रहती

इस बीमारी का प्रभाव दिमाग पर देखने को मिलता है। ये मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में मौजूद मोटर न्यूरॉन्स (Motor Neurones) को नष्ट कर देती है। ये न्यूरॉन्स ही दिमाग से मांसपेशियों तक सिग्नल पहुंचाते हैं। जैसे ही ये न्यूरॉन्स खत्म होने लगते हैं, तो दिमाग मांसपेशियों पर अपना नियंत्रण खोने लगता है। जिसके प्रभाव से मरीज की चलने-फिरने, बोलने, चबाने और अंततः सांस लेने की क्षमता खत्म हो जाती है।

ALS के लक्षण (Amyotrophic Lateral Sclerosis Symptoms)

  • मांसपेशियों में कमजोरी: खासकर, हाथों या पैरों में कमजोरी महसूस होना।
  • बाहों, कंधों या जीभ में कंपन या मरोड़ उठना।
  • आवाज का लड़खड़ाना (Slurred speech) या बोलने में कठिनाई।
  • चबाने और निगलने में दिक्कत।
  • सांस लेने में तकलीफ: अंतिम चरणों में फेफड़ों की मांसपेशियां काम करना बंद कर देती हैं।

1 लाख में से 2 से 5 लोग इससे प्रभावित

यह बीमारी आमतौर पर 40 से 70 वर्ष की आयु के लोगों को प्रभावित करती है। एरिक डेन की बात करें तो उनको यह बीमारी 52 वर्ष की आयु में हुई थी। इस बीमारी के होने पर अधिकांश लोग 2 से 5 वर्ष तक जीवित रहते हैं। वैश्विक स्तर पर, हर 1,00,000 लोगों में से लगभग 2 से 5 लोग इस बीमारी से प्रभावित होते हैं।

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