उत्तराखंड में ‘बम’ का खौफ: तीसरे दिन देहरादून कोर्ट को उड़ाने की धमकी, मेल मिलते ही मचा हड़कंप!

उत्तराखंड में ‘बम’ का खौफ: तीसरे दिन देहरादून कोर्ट को उड़ाने की धमकी, मेल मिलते ही मचा हड़कंप!

Court Bomb Threat Dehradun: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब देहरादून डिस्ट्रिक्ट कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला। सुबह कोर्ट खुलने से पहले ही इस मेल की सूचना पुलिस प्रशासन को दी गई। इसके बाद पूरे कोर्ट परिसर को तत्काल खाली कराया गया और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। अचानक कोर्ट परिसर में बढ़ी हलचल से वकीलों, फरियादियों और कर्मचारियों में दहशत का माहौल देखने को मिला।

सुरक्षा एजेंसियों का एक्शन

धमकी मिलते ही स्थानीय पुलिस, बम निरोधक दस्ता (BDDS) और खुफिया एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पूरे कोर्ट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। हर कमरे, गलियारे और परिसर के कोने-कोने की सघन तलाशी ली गई। सुरक्षा कारणों से आसपास की दुकानों और कार्यालयों को भी कुछ समय के लिए बंद कराया गया, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचाव किया जा सके।

तीन दिन से चल रहा धमकियों का सिलसिला

यह मामला केवल देहरादून तक सीमित नहीं है। बीते तीन दिनों से उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों में कोर्ट परिसरों को निशाना बनाकर धमकियां भेजी जा रही हैं। सोमवार को नैनीताल, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग कोर्ट को धमकी मिली थी। मंगलवार को हरिद्वार, उत्तरकाशी, टिहरी, पिथौरागढ़ और नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट को बम से उड़ाने का मैसेज भेजा गया। बुधवार की सुबह देहरादून डिस्ट्रिक्ट कोर्ट को धमकी भरा मेल मिलने से प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है।

हर बार जांच में निकली अफवाह

पुलिस अधिकारियों के अनुसार अब तक हरिद्वार, नैनीताल और उत्तरकाशी सहित किसी भी कोर्ट परिसर में तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है। प्रारंभिक जांच में इन धमकियों को किसी शरारती तत्व की करतूत माना जा रहा है, लेकिन मामला संवेदनशील होने के कारण किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जा रही है। हर सूचना को गंभीरता से लिया जा रहा है और हर बार पूरी सुरक्षा प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

कड़ी निगरानी में देहरादून कोर्ट

धमकी के बाद देहरादून कोर्ट परिसर में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की सघन चेकिंग की जा रही है। वाहनों की तलाशी के साथ-साथ पहचान पत्रों की भी जांच की जा रही है। परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। आम लोगों को भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है।

वरिष्ठ अधिकारी संभाल रहे मोर्चा

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक (IG) और एसएसपी स्तर के अधिकारी खुद हालात पर नजर बनाए हुए हैं। सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट परिसरों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ संवेदनशील इलाकों में गश्त तेज कर दी गई है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को पहले ही रोका जा सके।

धमकी देने वालों की तलाश तेज

संदिग्ध फोन कॉल्स और ईमेल आईडी को ट्रेस करने के लिए एसटीएफ (STF) की मदद ली जा रही है। साइबर सेल भी तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर धमकी भेजने वाले व्यक्ति या गिरोह तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही धमकी देने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रदेशभर में अलर्ट

लगातार मिल रही धमकियों के चलते उत्तराखंड के सभी जिलों में कोर्ट परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है। प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और मेटल डिटेक्टर से जांच बढ़ा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि न्याय व्यवस्था की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी कीमत पर कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।

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