एटा जनपद के मलावन थाना क्षेत्र स्थित जवाहर तापीय परियोजना में कार्यरत सैकड़ों मजदूरों ने तीन माह से मजदूरी का भुगतान न होने के कारण हड़ताल कर दी है। मजदूरों ने कार्यदाई कंपनियों पर टालमटोल का आरोप लगाते हुए कंपनी के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मजदूरों का कहना है कि तीन महीने से मजदूरी न मिलने के कारण उनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और परिवार के भरण-पोषण का संकट गहरा गया है। किराने की दुकानों पर भी लंबे उधार के चलते उन्हें सामान मिलना बंद हो गया है, जिससे उनकी आजीविका बुरी तरह प्रभावित हो रही है। ये सभी मजदूर कोरियाई कंपनी दूसान के अधीन कार्यरत कंपनियों के तहत काम कर रहे हैं। उन्हें लंबे समय से मजदूरी का भुगतान नहीं मिला है। दूसान कंपनी जवाहर तापीय पावर प्लांट का निर्माण कार्य करा रही है, जिसकी एक यूनिट का शुभारंभ हो चुका है और शेष कार्य प्रगति पर है। मजदूरों ने बताया कि पूर्व में भी वे अपनी मजदूरी पाने के लिए हड़ताल कर चुके हैं। तब प्रशासनिक अधिकारियों और तापीय परियोजना के अधिकारियों के समझाने पर वे काम पर लौटे थे और उन्हें भुगतान किया गया था। हालांकि, एक बार फिर मजदूरी का पैसा न मिलने से मजदूरों में भारी आक्रोश है। हड़ताल कर रहे मजदूरों ने बताया कि उन्होंने दूसान कंपनी के अधिकारियों से भी शिकायत की थी, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि संबंधित कंपनियां भुगतान न करने के लिए एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं। इस स्थिति से थक-हारकर उन्हें दोबारा हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है। मजदूर जितेंद्र ने जानकारी देते हुए बताया कि वे जवाहर तापीय परियोजना में कार्यरत हैं, लेकिन तीन माह से भुगतान न होने की वजह से सैकड़ों मजदूर भुखमरी की कगार पर हैं। इसी कारण उन्होंने ऑफिस का गेट बंद कर अपना विरोध जताया है। इस मामले पर मलावन थाना प्रभारी आर.के. सिंह ने बताया कि ऐसा कोई प्रकरण अभी उनके संज्ञान में नहीं आया है। पुलिस द्वारा मामले की जानकारी की जा रही है।


