बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता:बच्चों को दी जानकारी; आयुक्त की अध्यक्षता में जनता दरबार, 15 मामलों की हुई सुनवाई

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता:बच्चों को दी जानकारी; आयुक्त की अध्यक्षता में जनता दरबार, 15 मामलों की हुई सुनवाई

आयुक्त प्रमंडल, दरभंगा हिमांशु कुमार राय की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित परिवादों की सुनवाई की गई और समस्याओं के तुरंत, प्रभावी और पारदर्शी निस्तारण पर विशेष बल दिया गया। जनता दरबार में समाज कल्याण विभाग, राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 15 से अधिक परिवाद हासिल हुए। कई मामलों का समाधान मौके पर ही विभागीय स्तर पर कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जनता दरबार के दौरान सबा सुल्ताना, सेवा निवृत्त महिला पर्यवेक्षिका, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, पूसा (समस्तीपुर) से सेवा निवृत्त होने के बाद सेवानिवृत्ति लाभ से संबंधित आवेदन लेकर उपस्थित हुईं। आयुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित पदाधिकारी को जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। आयुक्त ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परिवादों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सभी मामलों से संबंधित रिपोर्ट अधिकतम सात दिनों के भीतर जन शिकायत कोषांग, दरभंगा प्रमंडल में उपलब्ध कराया जाए। गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता आयुक्त ने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने तथा जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने का निर्देश दिया। इधर, सौ दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत आदर्श मध्य विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी ने कहा कि बाल विवाह से बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ता है और इससे उनके विकास के अवसर बाधित होते हैं। भारत में बाल विवाह को रोकने, पीड़ितों को राहत, पुनर्वास और दोषियों को दंडित करने के लिए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 लागू है। इस कानून के अनुसार लड़कियों के विवाह की न्यूनतम आयु 18 साल और लड़कों की 21 साल निर्धारित है। टोल फ्री नंबर 15100 पर दे सकते है सूचना सचिव आरती कुमारी ने बताया कि बाल विवाह की सूचना पुलिस, बाल विवाह निषेध अधिकारी, बाल कल्याण समिति, जिलाधिकारी, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 या नालसा के टोल फ्री नंबर 15100 पर दी जा सकती है। आयुक्त प्रमंडल, दरभंगा हिमांशु कुमार राय की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित परिवादों की सुनवाई की गई और समस्याओं के तुरंत, प्रभावी और पारदर्शी निस्तारण पर विशेष बल दिया गया। जनता दरबार में समाज कल्याण विभाग, राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 15 से अधिक परिवाद हासिल हुए। कई मामलों का समाधान मौके पर ही विभागीय स्तर पर कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जनता दरबार के दौरान सबा सुल्ताना, सेवा निवृत्त महिला पर्यवेक्षिका, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, पूसा (समस्तीपुर) से सेवा निवृत्त होने के बाद सेवानिवृत्ति लाभ से संबंधित आवेदन लेकर उपस्थित हुईं। आयुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित पदाधिकारी को जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। आयुक्त ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परिवादों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सभी मामलों से संबंधित रिपोर्ट अधिकतम सात दिनों के भीतर जन शिकायत कोषांग, दरभंगा प्रमंडल में उपलब्ध कराया जाए। गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता आयुक्त ने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने तथा जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने का निर्देश दिया। इधर, सौ दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत आदर्श मध्य विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी ने कहा कि बाल विवाह से बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ता है और इससे उनके विकास के अवसर बाधित होते हैं। भारत में बाल विवाह को रोकने, पीड़ितों को राहत, पुनर्वास और दोषियों को दंडित करने के लिए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 लागू है। इस कानून के अनुसार लड़कियों के विवाह की न्यूनतम आयु 18 साल और लड़कों की 21 साल निर्धारित है। टोल फ्री नंबर 15100 पर दे सकते है सूचना सचिव आरती कुमारी ने बताया कि बाल विवाह की सूचना पुलिस, बाल विवाह निषेध अधिकारी, बाल कल्याण समिति, जिलाधिकारी, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 या नालसा के टोल फ्री नंबर 15100 पर दी जा सकती है।  

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