सीवान में सवा करोड़ का भवन 6 साल से अधूरा:2019 में हुआ था शिलान्यास, मुखिया बोली- फंड की कमी के कारण काम में देरी

सीवान में सवा करोड़ का भवन 6 साल से अधूरा:2019 में हुआ था शिलान्यास, मुखिया बोली- फंड की कमी के कारण काम में देरी

सीवान के हसनपुरा प्रखंड स्थित लहेजी पंचायत में 1.19 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा पंचायत सरकार भवन छह साल बाद भी अधूरा है। वर्ष 2019 में शिलान्यास के बावजूद यह भवन सरकारी उदासीनता और सिस्टम की सुस्ती का प्रतीक बन गया है। इस भवन का उद्देश्य ग्रामीणों को जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र, पेंशन और विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित कार्यों के लिए प्रखंड कार्यालय के चक्कर लगाने से बचाना था।

वर्तमान में भवन की स्थिति जर्जर है। इसकी खिड़कियां और दरवाजे टूटे हुए हैं, अंदर धूल जमी है, बाहर झाड़ियां उग आई हैं और दीवारों पर सीलन स्पष्ट दिख रही है। यह सब दर्शाता है कि निर्माण कार्य लंबे समय से रुका हुआ है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरा रोष है कि सवा करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद भवन अधूरा पड़ा है। मुखिया ने फंड की कमी को बताया देरी को कारण स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अनुसार, यह परियोजना राजनीतिक और प्रशासनिक उदासीनता का शिकार हुई है। वर्तमान मुखिया रीता देवी ने निर्माण कार्य रुकने का कारण फंड की कमी और तकनीकी प्रक्रियाओं में देरी को बताया है। उन्होंने कहा कि एमबी प्रक्रिया में विलंब और समय पर राशि का आवंटन न होने के कारण काम रुका है, जिसे जल्द ही पूरा किया जाएगा। हालांकि, ग्रामीण इन दावों से संतुष्ट नहीं हैं और उनका आरोप है कि छह साल में केवल कागजी कार्रवाई हुई है, जबकि जमीन पर कोई ठोस काम नहीं हुआ। पेशन लेने के लिए ग्रामीणों को जाना पड़ता है 5 किमी दूर इस अधूरे भवन का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र, वृद्धावस्था तथा विधवा पेंशन जैसी योजनाओं के लिए ग्रामीणों को आज भी पांच किलोमीटर दूर प्रखंड कार्यालय जाना पड़ता है। बुजुर्गों और महिलाओं को एक ही दस्तावेज के लिए कई बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। पंचायत सचिवालय के अभाव में फाइल अपलोडिंग, हस्ताक्षर और सत्यापन जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी बाधित हो रहे हैं।
दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
प्रशासन ने भी निर्माण कार्य ठप होने की बात स्वीकार की है। प्रभारी पंचायती राज पदाधिकारी मोहम्मद शबाब ने बताया कि लहेजी पंचायत में निर्माण कार्य बंद है, जिसकी जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे। उनकी मांग है कि तुरंत बजट जारी हो, दोषियों की जवाबदेही तय की जाए और भवन का निर्माण शीघ्र पूरा कराया जाए। लहेजी पंचायत सरकार भवन आज सिर्फ एक अधूरी इमारत नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की विफलता का प्रतीक बन चुका है। सीवान के हसनपुरा प्रखंड स्थित लहेजी पंचायत में 1.19 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा पंचायत सरकार भवन छह साल बाद भी अधूरा है। वर्ष 2019 में शिलान्यास के बावजूद यह भवन सरकारी उदासीनता और सिस्टम की सुस्ती का प्रतीक बन गया है। इस भवन का उद्देश्य ग्रामीणों को जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र, पेंशन और विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित कार्यों के लिए प्रखंड कार्यालय के चक्कर लगाने से बचाना था।

वर्तमान में भवन की स्थिति जर्जर है। इसकी खिड़कियां और दरवाजे टूटे हुए हैं, अंदर धूल जमी है, बाहर झाड़ियां उग आई हैं और दीवारों पर सीलन स्पष्ट दिख रही है। यह सब दर्शाता है कि निर्माण कार्य लंबे समय से रुका हुआ है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरा रोष है कि सवा करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद भवन अधूरा पड़ा है। मुखिया ने फंड की कमी को बताया देरी को कारण स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अनुसार, यह परियोजना राजनीतिक और प्रशासनिक उदासीनता का शिकार हुई है। वर्तमान मुखिया रीता देवी ने निर्माण कार्य रुकने का कारण फंड की कमी और तकनीकी प्रक्रियाओं में देरी को बताया है। उन्होंने कहा कि एमबी प्रक्रिया में विलंब और समय पर राशि का आवंटन न होने के कारण काम रुका है, जिसे जल्द ही पूरा किया जाएगा। हालांकि, ग्रामीण इन दावों से संतुष्ट नहीं हैं और उनका आरोप है कि छह साल में केवल कागजी कार्रवाई हुई है, जबकि जमीन पर कोई ठोस काम नहीं हुआ। पेशन लेने के लिए ग्रामीणों को जाना पड़ता है 5 किमी दूर इस अधूरे भवन का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र, वृद्धावस्था तथा विधवा पेंशन जैसी योजनाओं के लिए ग्रामीणों को आज भी पांच किलोमीटर दूर प्रखंड कार्यालय जाना पड़ता है। बुजुर्गों और महिलाओं को एक ही दस्तावेज के लिए कई बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। पंचायत सचिवालय के अभाव में फाइल अपलोडिंग, हस्ताक्षर और सत्यापन जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी बाधित हो रहे हैं।
दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
प्रशासन ने भी निर्माण कार्य ठप होने की बात स्वीकार की है। प्रभारी पंचायती राज पदाधिकारी मोहम्मद शबाब ने बताया कि लहेजी पंचायत में निर्माण कार्य बंद है, जिसकी जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे। उनकी मांग है कि तुरंत बजट जारी हो, दोषियों की जवाबदेही तय की जाए और भवन का निर्माण शीघ्र पूरा कराया जाए। लहेजी पंचायत सरकार भवन आज सिर्फ एक अधूरी इमारत नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की विफलता का प्रतीक बन चुका है।  

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