UGC बिल को लेकर सांसद पप्पू यादव ने फेसबुक लाइव के जरिए सरकार, नेताओं और कुछ धार्मिक बाबाओं पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ तथाकथित बाबा गैर-जिम्मेदाराना और भड़काऊ बयान दे रहे हैं। पप्पू यादव ने कहा कि, ‘एक बाबा ने यहां तक कह दिया कि इच्छामृत्यु दे दो, तुम मरो।’ उन्होंने ऐसे लोगों को कर्मकांडी बताते हुए कहा कि, ‘ये वही लोग हैं जो खुद को संत बताते हैं और हिंदू राष्ट्र बनाने की बातें करते हैं। यह लोग क्या चाहते हैं कि समाज उनके चरण छुए। ऐसे बाबाओं को समाज को गुमराह करने से बाज आना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि ‘ज्ञान बांटने का दावा करने वाले ये तीन-चार बाबा असल में अरबपति और बलात्कारी बाबा हैं।’ पप्पू यादव ने यहां तक कह दिया कि ‘जिस दिन उनकी सरकार बनेगी, ऐसे संतों को दफन कर दिया जाएगा।’ हिंदू राष्ट्र के नाम पर नफरत फैलाने का आरोप बीते दिन अयोध्या के जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने PM मोदी को पत्र लिखी थी, जिसमें उन्होंने ने केंद्र सरकार से कड़ा आग्रह किया है. उन्होंने कहा है कि या तो यूजीसी के इस काले कानून को वापस लिया जाए या फिर उन्हें इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। पप्पू यादव ने हिंदू राष्ट्र की बात करने वालों पर भी कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि, ‘ये लोग खुलेआम नफरत फैलाने की बात करते हैं और मुसलमानों के खिलाफ हिंसा भड़काने जैसे बयान देते हैं।’ उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि, ‘अगर ये बाबा इतने ही चमत्कारी हैं तो पाकिस्तान को फूंक कर दिखाएं।’ उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोगों को पाकिस्तान और बांग्लादेश भेज दिया जाना चाहिए। अब UGC बिल पर बाबाओं के अलग-अलग बयान पढ़िए बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने सरकार से अपील किया कि, ‘ऐसी कोई नीति न लाई जाए, जिससे समाज में विभाजन हो।’ उन्होंने शिक्षा मंत्री से इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने को कहा। गोल्डन बाबा ने इस बिल को छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए कहा कि, ‘यह समाज को बांटने वाला बिल है।’ उन्होंने इसके विरोध में कानपुर में रथ यात्रा निकालने की घोषणा की है। परमहंस आचार्य ने UGC नियमों को वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दिया कि, ‘अगर ऐसा हुआ तो वे इच्छामृत्यु ले लेंगे।’ उन्होंने इन नियमों को राष्ट्र और युवाओं के लिए नुकसानदायक बताया। दिवाकराचार्य महाराज ने कहा कि, ‘UGC के नए प्रावधान समाज में असमानता बढ़ा रहे हैं। जहां हिंदुओं को संगठित करने की जरूरत है, वहां ये नियम समाज को कमजोर कर रहे हैं।’ नीट छात्रा मौत मामला पर भी उठाए कई सवाल नीट छात्रा मौत मामले को लेकर भी पप्पू यादव ने सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को सशक्त करने की बात करती है और महिला रोजगार योजना के तहत दो लाख रुपये का लोन देने का दावा कर रही है, लेकिन जब बेटियां सुरक्षित ही नहीं हैं तो ऐसे लोन का क्या मतलब है। उन्होंने कहा कि जब बेटियों का लगातार शोषण और चीरहरण होता रहेगा, तब कर्ज किसे दिया जाएगा। हॉस्टल व्यवस्था पर कानून की मांग पप्पू यादव ने कहा कि सबसे ज्यादा शोषण हॉस्टलों में हो रहा है और इसके लिए सख्त कानून की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज अपनी बेटियों को सिस्टम और नेताओं के भरोसे छोड़ देता है, जहां उनका शोषण होता है। उन्होंने कहा कि हॉस्टल व्यवस्था को लेकर एक ठोस एक्ट लाया जाना चाहिए। हॉस्टल मालिक के बयान को बताया झूठ पप्पू यादव ने दावा किया कि इस पूरे मामले में पहला बड़ा झूठ हॉस्टल मालिक मनीष रंजन ने बोला। उन्होंने कहा कि मनीष रंजन ने यह दावा किया था कि घटना के वक्त वह देहरादून में था, जबकि हकीकत यह है कि वह पटना में ही मौजूद था। नर्स की जानकारी से खुला घटनाक्रम पप्पू यादव ने बताया कि उन्हें एक नर्स से अहम जानकारी मिली है। उनके मुताबिक, बच्ची को पहले सहजानंद अस्पताल ले जाया गया और इसके बाद प्रभात मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने कहा कि छह तारीख को बच्ची बेहोश थी और आठ तारीख को उसे होश आया। इसके बावजूद नौ तारीख तक FIR दर्ज नहीं की गई, जिससे जांच पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। डिप्टी सीएम के दौरे पर सवाल पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि डिप्टी सीएम विजय सिन्हा घटना के 18 दिन बाद पीड़िता के घर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह दौरा भी तब हुआ, जब उन्हें जानकारी मिली कि पीड़िता उनके समाज से है और कई लोगों के दबाव के बाद वे वहां गए। पटना पुलिस पर परिवार को परेशान करने का आरोप उन्होंने आरोप लगाया कि पटना पुलिस लगातार पीड़िता के परिवार को परेशान कर रही है। पप्पू यादव ने कहा कि जब सभी का DNA ले लिया गया है, तो अब तक यह स्पष्ट हो जाना चाहिए था कि अपराध किसने किया। अगर अब तक यह पता नहीं चला, तो फिर परिवार से बार-बार पूछताछ क्यों की जा रही है। CID और SIT की जांच पर उठे सवाल पप्पू यादव ने कहा कि मामले की जांच CID और SIT जैसी बड़ी एजेंसियां कर रही हैं, लेकिन अब तक यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि रेप किसने किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल स्तर पर सभी को पता था कि बच्ची के साथ गलत हुआ है, लेकिन जांच एजेंसियां अब तक नतीजे पर नहीं पहुंच पाईं। डॉक्टर सतीश की गिरफ्तारी की मांग पप्पू यादव ने डॉक्टर सतीश की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल ने 27 पन्नों की रिपोर्ट दी, जिसके आखिरी पन्ने में बच्ची की मौत का कारण न्यूमोनिया बताया गया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मौजूद सभी लोगों को पता था कि बच्ची के साथ गलत हुआ है। पप्पू यादव ने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टर सतीश ने धमकी दी थी कि वह सबको मिट्टी में मिला देगा। राजनीति छोड़ने का भी किया ऐलान फेसबुक लाइव के दौरान पप्पू यादव ने यह भी कहा कि वे गंदी राजनीति का हिस्सा नहीं बनना चाहते। उन्होंने ऐलान किया कि 2029 के बाद वह राजनीति छोड़ देंगे। हॉस्टल और फर्जी अस्पतालों के खिलाफ संघर्ष जारी पप्पू यादव ने कहा कि जब तक पटना के हॉस्टल और फर्जी अस्पतालों की सच्चाई सामने नहीं आ जाती, तब तक वह चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि इस पूरे सिस्टम के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी। UGC बिल को लेकर सांसद पप्पू यादव ने फेसबुक लाइव के जरिए सरकार, नेताओं और कुछ धार्मिक बाबाओं पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ तथाकथित बाबा गैर-जिम्मेदाराना और भड़काऊ बयान दे रहे हैं। पप्पू यादव ने कहा कि, ‘एक बाबा ने यहां तक कह दिया कि इच्छामृत्यु दे दो, तुम मरो।’ उन्होंने ऐसे लोगों को कर्मकांडी बताते हुए कहा कि, ‘ये वही लोग हैं जो खुद को संत बताते हैं और हिंदू राष्ट्र बनाने की बातें करते हैं। यह लोग क्या चाहते हैं कि समाज उनके चरण छुए। ऐसे बाबाओं को समाज को गुमराह करने से बाज आना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि ‘ज्ञान बांटने का दावा करने वाले ये तीन-चार बाबा असल में अरबपति और बलात्कारी बाबा हैं।’ पप्पू यादव ने यहां तक कह दिया कि ‘जिस दिन उनकी सरकार बनेगी, ऐसे संतों को दफन कर दिया जाएगा।’ हिंदू राष्ट्र के नाम पर नफरत फैलाने का आरोप बीते दिन अयोध्या के जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने PM मोदी को पत्र लिखी थी, जिसमें उन्होंने ने केंद्र सरकार से कड़ा आग्रह किया है. उन्होंने कहा है कि या तो यूजीसी के इस काले कानून को वापस लिया जाए या फिर उन्हें इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। पप्पू यादव ने हिंदू राष्ट्र की बात करने वालों पर भी कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि, ‘ये लोग खुलेआम नफरत फैलाने की बात करते हैं और मुसलमानों के खिलाफ हिंसा भड़काने जैसे बयान देते हैं।’ उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि, ‘अगर ये बाबा इतने ही चमत्कारी हैं तो पाकिस्तान को फूंक कर दिखाएं।’ उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोगों को पाकिस्तान और बांग्लादेश भेज दिया जाना चाहिए। अब UGC बिल पर बाबाओं के अलग-अलग बयान पढ़िए बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने सरकार से अपील किया कि, ‘ऐसी कोई नीति न लाई जाए, जिससे समाज में विभाजन हो।’ उन्होंने शिक्षा मंत्री से इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने को कहा। गोल्डन बाबा ने इस बिल को छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए कहा कि, ‘यह समाज को बांटने वाला बिल है।’ उन्होंने इसके विरोध में कानपुर में रथ यात्रा निकालने की घोषणा की है। परमहंस आचार्य ने UGC नियमों को वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दिया कि, ‘अगर ऐसा हुआ तो वे इच्छामृत्यु ले लेंगे।’ उन्होंने इन नियमों को राष्ट्र और युवाओं के लिए नुकसानदायक बताया। दिवाकराचार्य महाराज ने कहा कि, ‘UGC के नए प्रावधान समाज में असमानता बढ़ा रहे हैं। जहां हिंदुओं को संगठित करने की जरूरत है, वहां ये नियम समाज को कमजोर कर रहे हैं।’ नीट छात्रा मौत मामला पर भी उठाए कई सवाल नीट छात्रा मौत मामले को लेकर भी पप्पू यादव ने सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को सशक्त करने की बात करती है और महिला रोजगार योजना के तहत दो लाख रुपये का लोन देने का दावा कर रही है, लेकिन जब बेटियां सुरक्षित ही नहीं हैं तो ऐसे लोन का क्या मतलब है। उन्होंने कहा कि जब बेटियों का लगातार शोषण और चीरहरण होता रहेगा, तब कर्ज किसे दिया जाएगा। हॉस्टल व्यवस्था पर कानून की मांग पप्पू यादव ने कहा कि सबसे ज्यादा शोषण हॉस्टलों में हो रहा है और इसके लिए सख्त कानून की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज अपनी बेटियों को सिस्टम और नेताओं के भरोसे छोड़ देता है, जहां उनका शोषण होता है। उन्होंने कहा कि हॉस्टल व्यवस्था को लेकर एक ठोस एक्ट लाया जाना चाहिए। हॉस्टल मालिक के बयान को बताया झूठ पप्पू यादव ने दावा किया कि इस पूरे मामले में पहला बड़ा झूठ हॉस्टल मालिक मनीष रंजन ने बोला। उन्होंने कहा कि मनीष रंजन ने यह दावा किया था कि घटना के वक्त वह देहरादून में था, जबकि हकीकत यह है कि वह पटना में ही मौजूद था। नर्स की जानकारी से खुला घटनाक्रम पप्पू यादव ने बताया कि उन्हें एक नर्स से अहम जानकारी मिली है। उनके मुताबिक, बच्ची को पहले सहजानंद अस्पताल ले जाया गया और इसके बाद प्रभात मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने कहा कि छह तारीख को बच्ची बेहोश थी और आठ तारीख को उसे होश आया। इसके बावजूद नौ तारीख तक FIR दर्ज नहीं की गई, जिससे जांच पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। डिप्टी सीएम के दौरे पर सवाल पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि डिप्टी सीएम विजय सिन्हा घटना के 18 दिन बाद पीड़िता के घर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह दौरा भी तब हुआ, जब उन्हें जानकारी मिली कि पीड़िता उनके समाज से है और कई लोगों के दबाव के बाद वे वहां गए। पटना पुलिस पर परिवार को परेशान करने का आरोप उन्होंने आरोप लगाया कि पटना पुलिस लगातार पीड़िता के परिवार को परेशान कर रही है। पप्पू यादव ने कहा कि जब सभी का DNA ले लिया गया है, तो अब तक यह स्पष्ट हो जाना चाहिए था कि अपराध किसने किया। अगर अब तक यह पता नहीं चला, तो फिर परिवार से बार-बार पूछताछ क्यों की जा रही है। CID और SIT की जांच पर उठे सवाल पप्पू यादव ने कहा कि मामले की जांच CID और SIT जैसी बड़ी एजेंसियां कर रही हैं, लेकिन अब तक यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि रेप किसने किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल स्तर पर सभी को पता था कि बच्ची के साथ गलत हुआ है, लेकिन जांच एजेंसियां अब तक नतीजे पर नहीं पहुंच पाईं। डॉक्टर सतीश की गिरफ्तारी की मांग पप्पू यादव ने डॉक्टर सतीश की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल ने 27 पन्नों की रिपोर्ट दी, जिसके आखिरी पन्ने में बच्ची की मौत का कारण न्यूमोनिया बताया गया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मौजूद सभी लोगों को पता था कि बच्ची के साथ गलत हुआ है। पप्पू यादव ने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टर सतीश ने धमकी दी थी कि वह सबको मिट्टी में मिला देगा। राजनीति छोड़ने का भी किया ऐलान फेसबुक लाइव के दौरान पप्पू यादव ने यह भी कहा कि वे गंदी राजनीति का हिस्सा नहीं बनना चाहते। उन्होंने ऐलान किया कि 2029 के बाद वह राजनीति छोड़ देंगे। हॉस्टल और फर्जी अस्पतालों के खिलाफ संघर्ष जारी पप्पू यादव ने कहा कि जब तक पटना के हॉस्टल और फर्जी अस्पतालों की सच्चाई सामने नहीं आ जाती, तब तक वह चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि इस पूरे सिस्टम के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी।


