नालंदा में खेल सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार की दिशा में विभाग ने तेजी पकड़ ली है। राज्य खेल सचिव महेंद्र कुमार के सख्त निर्देशों के बाद जिला खेल प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। बिंद में प्रस्तावित एथलेटिक्स और फुटबॉल के एकलव्य प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण काम जल्द पूरा करने के साथ ही जिले भर के खेल मैदानों और स्टेडियमों के नियमित निरीक्षण की व्यवस्था लागू की जा रही है। जिला खेल पदाधिकारी शालिनी प्रकाश ने बताया कि विभाग की प्राथमिकता एकलव्य प्रशिक्षण केंद्रों को चालू करना और मौजूदा खेल मैदानों को सुचारू रूप से संचालित करना है। उन्होंने कहा कि हरनौत में निशानेबाजी का प्रशिक्षण और राजगीर स्टेडियम में हॉकी का प्रशिक्षण पहले से ही सफलतापूर्वक चल रहा है। अब बिंद के एकलव्य केंद्र में एथलेटिक्स और फुटबॉल के होनहार खिलाड़ियों को तैयार किया जाएगा। ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने पर जोर डीएसओ ने बताया कि गांव स्तर पर खेल प्रतिभाओं को तराशने के उद्देश्य से बनाए गए खेल क्लबों को अब सक्रिय किया जा रहा है। इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए अब हर सप्ताह विभिन्न प्रखंडों का दौरा किया जाएगा। स्थानीय खेल समितियों के साथ बैठकें कर वहां की सुविधाओं की समीक्षा की जाएगी, ताकि जमीनी स्तर पर खेलों का माहौल तैयार हो सके। साप्ताहिक निरीक्षण अनिवार्य, ऑनलाइन देनी होगी रिपोर्ट खेल सचिव महेंद्र कुमार ने सभी जिला खेल पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों के प्रखंड स्तरीय स्टेडियमों और पंचायत खेल मैदानों का नियमित क्षेत्र भ्रमण करें। इसकी विस्तृत रिपोर्ट साप्ताहिक आधार पर ऑनलाइन सिस्टम पर अपडेट करना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था खेल सुविधाओं की निगरानी और उनके सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है। शो-पीस नहीं, उपयोग में लाएं खेल भवन खेल सचिव ने यह भी साफ किया है कि खेल भवनों और स्टेडियमों को केवल शो-पीस बनाकर नहीं रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिया है कि स्थानीय खेल संघों के साथ समन्वय स्थापित कर नाममात्र शुल्क पर खिलाड़ियों को अभ्यास की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इससे न केवल संसाधनों का सही उपयोग होगा, बल्कि इन सुविधाओं का नियमित रखरखाव भी संभव हो सकेगा। नालंदा में खेल सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार की दिशा में विभाग ने तेजी पकड़ ली है। राज्य खेल सचिव महेंद्र कुमार के सख्त निर्देशों के बाद जिला खेल प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। बिंद में प्रस्तावित एथलेटिक्स और फुटबॉल के एकलव्य प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण काम जल्द पूरा करने के साथ ही जिले भर के खेल मैदानों और स्टेडियमों के नियमित निरीक्षण की व्यवस्था लागू की जा रही है। जिला खेल पदाधिकारी शालिनी प्रकाश ने बताया कि विभाग की प्राथमिकता एकलव्य प्रशिक्षण केंद्रों को चालू करना और मौजूदा खेल मैदानों को सुचारू रूप से संचालित करना है। उन्होंने कहा कि हरनौत में निशानेबाजी का प्रशिक्षण और राजगीर स्टेडियम में हॉकी का प्रशिक्षण पहले से ही सफलतापूर्वक चल रहा है। अब बिंद के एकलव्य केंद्र में एथलेटिक्स और फुटबॉल के होनहार खिलाड़ियों को तैयार किया जाएगा। ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने पर जोर डीएसओ ने बताया कि गांव स्तर पर खेल प्रतिभाओं को तराशने के उद्देश्य से बनाए गए खेल क्लबों को अब सक्रिय किया जा रहा है। इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए अब हर सप्ताह विभिन्न प्रखंडों का दौरा किया जाएगा। स्थानीय खेल समितियों के साथ बैठकें कर वहां की सुविधाओं की समीक्षा की जाएगी, ताकि जमीनी स्तर पर खेलों का माहौल तैयार हो सके। साप्ताहिक निरीक्षण अनिवार्य, ऑनलाइन देनी होगी रिपोर्ट खेल सचिव महेंद्र कुमार ने सभी जिला खेल पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों के प्रखंड स्तरीय स्टेडियमों और पंचायत खेल मैदानों का नियमित क्षेत्र भ्रमण करें। इसकी विस्तृत रिपोर्ट साप्ताहिक आधार पर ऑनलाइन सिस्टम पर अपडेट करना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था खेल सुविधाओं की निगरानी और उनके सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है। शो-पीस नहीं, उपयोग में लाएं खेल भवन खेल सचिव ने यह भी साफ किया है कि खेल भवनों और स्टेडियमों को केवल शो-पीस बनाकर नहीं रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिया है कि स्थानीय खेल संघों के साथ समन्वय स्थापित कर नाममात्र शुल्क पर खिलाड़ियों को अभ्यास की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इससे न केवल संसाधनों का सही उपयोग होगा, बल्कि इन सुविधाओं का नियमित रखरखाव भी संभव हो सकेगा।


