राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की यात्रा एक ऐतिहासिक सफर की शुरुआत है।
संसद के बजट सत्र के पहले दिन, दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि अंतरिक्ष पर्यटन अब भारतीयों की पहुंच में आता जा रहा है।
उन्होंने कहा, “शुभांशु शुक्ला का अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) तक पहुंचना एक ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत है। आने वाले वर्षों में भारत अपना स्वयं का अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।”
राष्ट्रपति ने कहा कि देश पूरे उत्साह के साथ गगनयान मिशन पर काम कर रहा है। इस दौरान लोकसभा कक्ष में मौजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य नेताओं ने मेजें थपथपाकर प्रतिक्रिया दी।
शुभांशु शुक्ला ने पिछले वर्ष जून-जुलाई में आईएसएस पर 18 दिनों का मिशन पूरा किया था और वह इस कक्षीय प्रयोगशाला तक पहुंचने वाले पहले भारतीय बने। इससे पहले वर्ष 1984 में अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा ने सोवियत संघ के अंतरिक्ष स्टेशन सैल्यूट-7 से अंतरिक्ष की यात्रा की थी।


