चित्रकूट में यूजीसी (UGC) के नए कानून को लेकर विरोध तेज हो गया है। बांदा-चित्रकूट के पूर्व सांसद भैरव प्रसाद मिश्र ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस कानून को वापस लेने की मांग की है। उनका पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पूर्व सांसद ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि इस समय पूरे देश में यूजीसी के नए नियमों के प्रति असंतोष व्याप्त है। विशेषकर सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में इन नियमों को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा से संबंधित कानून बनाते समय सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखना आवश्यक है। भैरव प्रसाद मिश्र ने तर्क दिया कि शिक्षण संस्थान ज्ञान के मंदिर होते हैं, जहां किसी भी प्रकार के जातीय भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं ऐसी समस्याएं मौजूद भी हैं, तो नए कानून लाकर उन्हें जातीय आधार पर और अधिक गहराने की आवश्यकता नहीं है। इससे सामाजिक समरसता को क्षति पहुंच सकती है। पूर्व सांसद ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि इस नई नियमावली पर पुनर्विचार किया जाए। उन्होंने देशहित में यूजीसी के प्रस्तावित कानून को वापस लेने के निर्देश जारी करने की मांग की। मिश्र ने जोर दिया कि सरकार को छात्रों और समाज के सभी वर्गों की भावनाओं को समझते हुए निर्णय लेना चाहिए।


