बुलंदशहर में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के केंद्रीय आह्वान पर मंगलवार को जिलेभर के सभी सरकारी और निजी बैंक बंद रहे। चार दिन के अवकाश के बाद हुई इस हड़ताल ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दीं। बैंक बंद रहने से जिले में करीब 500 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित होने का अनुमान है। सुबह से ही बैंक कर्मचारियों ने अपनी-अपनी शाखाओं पर ताले जड़ दिए और हड़ताल पर बैठ गए। यमुनापुरम स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा के बाहर बड़ी संख्या में बैंक कर्मियों ने एकत्र होकर केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया। यूएफबीयू के संयोजक तरुणवीर ने बताया कि बैंक कर्मचारी लंबे समय से सप्ताह में पांच दिन कार्य प्रणाली लागू करने, लंबित मांगों के निस्तारण और कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई बार ज्ञापन सौंपे गए और बातचीत के प्रयास भी किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। हड़ताल के चलते चेक क्लियरेंस, नकद जमा-निकासी, ऋण स्वीकृति, आरटीजीएस और एनईएफटी जैसी महत्वपूर्ण बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं। इसका सबसे ज्यादा असर व्यापारियों, किसानों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ा। कई इलाकों में एटीएम सेवाएं भी सीमित रहीं, जिससे लोगों को नकदी के लिए भटकना पड़ा। तरुणवीर ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो बैंक कर्मचारी आंदोलन को और तेज करेंगे और बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।


