जे.के. लोन हॉस्पिटल में बनेगा 30 बेड का डे-केयर सेंटर:थैलेसिमिया-हिमोफिलिया से पीड़ित बच्चों को मिलेगी बड़ी राहत; वार्ड 3 से 4 महीने में तैयार होगा

जे.के. लोन हॉस्पिटल में बनेगा 30 बेड का डे-केयर सेंटर:थैलेसिमिया-हिमोफिलिया से पीड़ित बच्चों को मिलेगी बड़ी राहत; वार्ड 3 से 4 महीने में तैयार होगा

जयपुर के जे.के. लोन हॉस्पिटल से लाखों माता-पिता के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब गंभीर बीमारी के डर से बच्चों को दिनों-दिन अस्पताल में भर्ती रखने की मजबूरी कम होगी। राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी बाल अस्पताल में जल्द ही डे-केयर सेंटर शुरू होने जा रहा है, जहां बच्चों का इलाज कुछ घंटों में ही संभव हो सकेगा। अगले 3–4 महीनों में यह सुविधा शुरू होने की उम्मीद है। हॉस्पिटल में डे-केयर वार्ड बनाने की सरकार से अनुमति मिल गई है और संभावना है कि अगले सप्ताह से इसका काम शुरू किया जाएगा। जे.के. लोन हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. आर.एन. सेहरा ने बताया- ये डे-केयर वार्ड विशेष रूप से थैलेसिमिया, हिमोफिलिया से पीड़ित बच्चों के लिए बनाया जा रहा है। ताकि इन बीमारी से पीड़ित बच्चों का ब्लड ट्रांसफ्यूजन करने के दौरान बैड के लिए परेशान न होना पड़े। ये वार्ड सीएसआर फंड के तहत रोटरी क्लब की तरफ से बनाया जाएगा। इस वार्ड में 30 से ज्यादा होंगे बैड डॉ. सेहरा ने बताया- इस वार्ड में 30 से ज्यादा बैड लगाए जाएंगे, ताकि मरीजों को सुबह भर्ती करने के बाद शाम को छुट्टी दी जा सके। हर रोज आते हैं 40 से ज्यादा बच्चे डॉ. सेहरा ने बताया- अभी थैलेसिमिया, हिमोफिलिया से पीड़ित 40 से ज्यादा बच्चे हर रोज ब्लड ट्रांसफ्यूजन के लिए आते है। इसमें करीब 25-30 बच्चे थैलेसिमिया से पीड़ित होते है, जबकि 8-10 हिमोफिलिया से पीड़ित होते हैं। वार्ड के निर्माण के लिए हमने सरकार से एनओसी मांगी थी, जो हमे मिल गई है।

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