पूर्णिया में शहर के के. हाट थाना पुलिस ने अवैध लॉटरी की बड़ी खेप पकड़ी है। रोहड़ी मोटर्स परिसर में संचालित डीटीडीसी कूरियर शाखा पर रेड के दौरान दो बड़ी बोरियों में पैक कुल 1 लाख 50 हजार 100 अवैध लॉटरी टिकट बरामद किए। जब्त किए गए लॉटरी टिकटों की अनुमानित कीमत करीब 11 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह पूरी खेप पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से बुक की गई थी। तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए कूरियर सेवा का सहारा लिया था, ताकि आसानी से लॉटरी टिकटों को पूर्णिया तक पहुंचाया जा सके। बरामद पैकेटों पर भेजने वाले के नाम की जगह दीपक ठाकुर लिखा हुआ है। इसके साथ ही पैकेट पर दो मोबाइल नंबर भी दर्ज है। जिसका इस्तेमाल कूरियर की ट्रैकिंग और डिलीवरी के लिए किया जाना था। पुलिस अब इन नामों और नंबरों की गहन जांच कर रही है। नेटवर्क में शामिल लोगों की तलाश जारी के. हाट थानाध्यक्ष उदय कुमार ने बताया कि पुलिस को कूरियर के माध्यम से अवैध और संदिग्ध सामग्री आने की ठोस सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम कूरियर शाखा पहुंची और खेप को जब्त कर लिया। फिलहाल पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। दीपक ठाकुर नाम के व्यक्ति की पहचान की जा रही है और कूरियर पैकेट पर लिखे गए मोबाइल नंबरों का सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) खंगाला जा रहा है। इससे यह पता लगाया जाएगा कि यह खेप पूर्णिया में किसे दी जानी थी और इस अवैध धंधे में स्थानीय स्तर पर कौन-कौन लोग शामिल है। पुलिस को शक है कि पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से लेकर पूर्णिया तक एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था, जिसके जरिए प्रतिबंधित लॉटरी टिकटों को खपाने की योजना बनाई गई थी। जल्द ही पूरे सिंडिकेट का खुलासा किया जाएगा और इस अवैध कारोबार में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। पूर्णिया में शहर के के. हाट थाना पुलिस ने अवैध लॉटरी की बड़ी खेप पकड़ी है। रोहड़ी मोटर्स परिसर में संचालित डीटीडीसी कूरियर शाखा पर रेड के दौरान दो बड़ी बोरियों में पैक कुल 1 लाख 50 हजार 100 अवैध लॉटरी टिकट बरामद किए। जब्त किए गए लॉटरी टिकटों की अनुमानित कीमत करीब 11 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह पूरी खेप पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से बुक की गई थी। तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए कूरियर सेवा का सहारा लिया था, ताकि आसानी से लॉटरी टिकटों को पूर्णिया तक पहुंचाया जा सके। बरामद पैकेटों पर भेजने वाले के नाम की जगह दीपक ठाकुर लिखा हुआ है। इसके साथ ही पैकेट पर दो मोबाइल नंबर भी दर्ज है। जिसका इस्तेमाल कूरियर की ट्रैकिंग और डिलीवरी के लिए किया जाना था। पुलिस अब इन नामों और नंबरों की गहन जांच कर रही है। नेटवर्क में शामिल लोगों की तलाश जारी के. हाट थानाध्यक्ष उदय कुमार ने बताया कि पुलिस को कूरियर के माध्यम से अवैध और संदिग्ध सामग्री आने की ठोस सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम कूरियर शाखा पहुंची और खेप को जब्त कर लिया। फिलहाल पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। दीपक ठाकुर नाम के व्यक्ति की पहचान की जा रही है और कूरियर पैकेट पर लिखे गए मोबाइल नंबरों का सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) खंगाला जा रहा है। इससे यह पता लगाया जाएगा कि यह खेप पूर्णिया में किसे दी जानी थी और इस अवैध धंधे में स्थानीय स्तर पर कौन-कौन लोग शामिल है। पुलिस को शक है कि पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से लेकर पूर्णिया तक एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था, जिसके जरिए प्रतिबंधित लॉटरी टिकटों को खपाने की योजना बनाई गई थी। जल्द ही पूरे सिंडिकेट का खुलासा किया जाएगा और इस अवैध कारोबार में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।


