मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) 26 अप्रैल को होने जा रही राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 से परीक्षाओं में थ्री-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम लागू करने जा रहा है। इसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। एमपीपीएससी का इरादा है कि इसके बाद आयोग की सभी परीक्षाओं में यही सिस्टम लागू किया जाए। यूपीएससी पहले से ही इस सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा है और अब उसी तर्ज पर एमपीपीएससी भी इसे अपनाने जा रहा है। इस सिस्टम के लिए पहले एक बार टेंडर प्रक्रिया निरस्त हो चुकी थी, बाद में दोबारा टेंडर किए गए। 1.5 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों की हो सकेगी स्कैनिंग राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा में डेढ़ लाख से अधिक अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। एमपी पीएससी का प्रयास है कि इतने बड़े स्तर की परीक्षा से ही इस सिक्योरिटी सिस्टम की शुरुआत कर दी जाए। बीते एक-डेढ़ साल में NTA की नीट-जेईई और PEB की कई परीक्षाओं में फर्जी अभ्यर्थियों के मामले सामने आने के बाद इस तरह की सख्त व्यवस्था की जरूरत महसूस की जा रही थी। पीएससी के ओएसडी डॉ. रवींद्र पंचभाई ने बताया कि पूरा प्रयास है कि राज्य सेवा प्री परीक्षा से यह व्यवस्था लागू हो जाए। इस पर काम चल रहा है और इसके बाद सभी परीक्षाओं में यही सिस्टम रहेगा। अब तक एमपी पीएससी परीक्षाओं में फर्जी अभ्यर्थियों के मामले बेहद कम रहे हैं, लेकिन नकल के प्रकरण सामने आते रहे हैं।


