सहरसा में राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बालिकाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान स्टेडियम में मिनी मैराथन, वॉकथान और टग ऑफ वार प्रतियोगिताएं हुईं। 20 से 24 जनवरी तक चले इस कार्यक्रम का समापन शनिवार को हुआ। जिलाधिकारी दीपेश ने कहा इससे महिलाए सशक्त हुई अब उड़ान का समय आ गया है। इन प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में बालिकाओं और महिला खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कलाकारों ने बालिकाओं के अधिकार, समानता, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता से जुड़े सशक्त संदेश प्रस्तुत किए, जिसने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। जिलाधिकारी दीपेश कुमार का स्वागत जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS) कुमारी पुष्पा ने पौधा भेंट कर किया। उप विकास आयुक्त गौरव कुमार का स्वागत जिला परियोजना प्रबंधक, महिला एवं बाल विकास निगम, काजल चौरसिया ने किया। इसके बाद जिलाधिकारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया और हरी झंडी दिखाकर मिनी मैराथन को रवाना किया। प्रतियोगिता में किलकारी सहरसा और +2 कन्या उच्च विद्यालय सहरसा की छात्राओं के साथ-साथ जिला स्तर की महिला खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। पूरे स्टेडियम में प्रतिभागियों में जोश देखा गया। प्रतियोगिता के समापन पर उप विकास आयुक्त गौरव कुमार ने विजेता और उपविजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में जिला खेल पदाधिकारी वैभव कुमार का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। सभी प्रतिभागियों को महिला एवं बाल विकास निगम सहरसा एवं ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के लोगोयुक्त कॉफी मग, टोपी, बैग, टी-शर्ट और ट्रैक सूट प्रदान किए गए। महिला पर्यवेक्षिकाओं को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने महिला एवं बाल विकास निगम, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना और 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज से सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की। कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी श्रेयांश तिवारी, कला एवं संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा कुमारी, उप निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क आलोक कुमार, डीटीओ सहरसा, भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। सहरसा में राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बालिकाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान स्टेडियम में मिनी मैराथन, वॉकथान और टग ऑफ वार प्रतियोगिताएं हुईं। 20 से 24 जनवरी तक चले इस कार्यक्रम का समापन शनिवार को हुआ। जिलाधिकारी दीपेश ने कहा इससे महिलाए सशक्त हुई अब उड़ान का समय आ गया है। इन प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में बालिकाओं और महिला खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कलाकारों ने बालिकाओं के अधिकार, समानता, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता से जुड़े सशक्त संदेश प्रस्तुत किए, जिसने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। जिलाधिकारी दीपेश कुमार का स्वागत जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS) कुमारी पुष्पा ने पौधा भेंट कर किया। उप विकास आयुक्त गौरव कुमार का स्वागत जिला परियोजना प्रबंधक, महिला एवं बाल विकास निगम, काजल चौरसिया ने किया। इसके बाद जिलाधिकारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया और हरी झंडी दिखाकर मिनी मैराथन को रवाना किया। प्रतियोगिता में किलकारी सहरसा और +2 कन्या उच्च विद्यालय सहरसा की छात्राओं के साथ-साथ जिला स्तर की महिला खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। पूरे स्टेडियम में प्रतिभागियों में जोश देखा गया। प्रतियोगिता के समापन पर उप विकास आयुक्त गौरव कुमार ने विजेता और उपविजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में जिला खेल पदाधिकारी वैभव कुमार का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। सभी प्रतिभागियों को महिला एवं बाल विकास निगम सहरसा एवं ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के लोगोयुक्त कॉफी मग, टोपी, बैग, टी-शर्ट और ट्रैक सूट प्रदान किए गए। महिला पर्यवेक्षिकाओं को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने महिला एवं बाल विकास निगम, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना और 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज से सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की। कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी श्रेयांश तिवारी, कला एवं संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा कुमारी, उप निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क आलोक कुमार, डीटीओ सहरसा, भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।


