मोतिहारी स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय आश्रम में प्रजापिता ब्रह्म बाबा की 57वीं पुण्यतिथि को विश्व शांति दिवस के रूप में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस विशेष कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सह भाजपा विधायक कृष्णनंदन पासवान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ब्रह्माकुमारी परिवार से जुड़े बड़ी संख्या में प्रजापति भक्त भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत आध्यात्मिक वातावरण में शांति, प्रेम और सद्भाव के संदेश के साथ हुई। आश्रम की प्रभारी निशा दीदी ने मुख्य अतिथि कृष्णनंदन पासवान को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। त्याग और विश्व शांति के लिए किए गए योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला अपने संबोधन में निशा दीदी ने प्रजापिता ब्रह्म बाबा के जीवन, उनके त्याग और विश्व शांति के लिए किए गए योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आज ही के दिन ईश्वरीय परमपूज्य प्रजापिता ब्रह्म बाबा ने अपना देह त्याग किया था, इसलिए इस दिन को विश्व शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। ब्रह्म बाबा का संदेश था कि व्यक्ति स्वयं में शांति लाए, तभी विश्व में शांति संभव है। मुख्य अतिथि कृष्णनंदन पासवान ने अपने संबोधन में कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में आध्यात्मिक शांति की आवश्यकता बढ़ गई है। उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा समाज में शांति, नैतिकता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के कार्य की सराहना की। पासवान ने कहा कि ब्रह्म बाबा का जीवन मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है। सकारात्मक सोच को समाज में फैलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई इस अवसर पर उपस्थित भक्तों को घर-घर जाकर लोगों को शांतिपूर्ण जीवन जीने की कला सिखाने और सकारात्मक सोच को समाज में फैलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। कार्यक्रम का समापन सामूहिक शांति पाठ और विश्व कल्याण की कामना के साथ हुआ। मोतिहारी स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय आश्रम में प्रजापिता ब्रह्म बाबा की 57वीं पुण्यतिथि को विश्व शांति दिवस के रूप में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस विशेष कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सह भाजपा विधायक कृष्णनंदन पासवान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ब्रह्माकुमारी परिवार से जुड़े बड़ी संख्या में प्रजापति भक्त भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत आध्यात्मिक वातावरण में शांति, प्रेम और सद्भाव के संदेश के साथ हुई। आश्रम की प्रभारी निशा दीदी ने मुख्य अतिथि कृष्णनंदन पासवान को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। त्याग और विश्व शांति के लिए किए गए योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला अपने संबोधन में निशा दीदी ने प्रजापिता ब्रह्म बाबा के जीवन, उनके त्याग और विश्व शांति के लिए किए गए योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आज ही के दिन ईश्वरीय परमपूज्य प्रजापिता ब्रह्म बाबा ने अपना देह त्याग किया था, इसलिए इस दिन को विश्व शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है। ब्रह्म बाबा का संदेश था कि व्यक्ति स्वयं में शांति लाए, तभी विश्व में शांति संभव है। मुख्य अतिथि कृष्णनंदन पासवान ने अपने संबोधन में कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में आध्यात्मिक शांति की आवश्यकता बढ़ गई है। उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा समाज में शांति, नैतिकता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के कार्य की सराहना की। पासवान ने कहा कि ब्रह्म बाबा का जीवन मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है। सकारात्मक सोच को समाज में फैलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई इस अवसर पर उपस्थित भक्तों को घर-घर जाकर लोगों को शांतिपूर्ण जीवन जीने की कला सिखाने और सकारात्मक सोच को समाज में फैलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। कार्यक्रम का समापन सामूहिक शांति पाठ और विश्व कल्याण की कामना के साथ हुआ।


