विश्व का सबसे ऊंचा शिवलिंग:कैथवलिया में 7 तीर्थों के पवित्र जल से अभिषेक और हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा के बीच शिवलिंग को गर्भगृह में किया गया स्थापित

विश्व का सबसे ऊंचा शिवलिंग:कैथवलिया में 7 तीर्थों के पवित्र जल से अभिषेक और हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा के बीच शिवलिंग को गर्भगृह में किया गया स्थापित

कैथवलिया में शनिवार को सनातन परंपरा का ऐतिहासिक क्षण साकार हुआ। विराट रामायण मंदिर के गर्भगृह में दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग (33 फीट) की स्थापना की गई। आगम व वैदिक विधि से 21 विद्वान पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच महादेव विराजमान हुए। हर-हर महादेव और जय श्रीराम के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। भोपाल से आए दो बड़े क्रेन की मदद से शिवलिंग को स्थापित किया गया। इससे पहले काशी, अयोध्या और पटना हनुमान मंदिर के पंडितों ने विभिन्न नदियों से लाए गए पवित्र जल से अभिषेक कराया। 64 देवताओं की बेदी पूजा, 1008 शिवलिंग का आह्वान और महाबलीपुरम से आए तांबे व सोने के यंत्र की विधिवत पूजा के बाद सहस्त्रलिंगम को स्थापित किया गया। पूरी प्रक्रिया करीब 20 मिनट में संपन्न हुई।
इस ऐतिहासिक पल के साक्षी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और विजय कुमार चौधरी बने। मुख्यमंत्री दोपहर 12 बजे हेलिकॉप्टर से पहुंचे और शिवलिंग का दर्शन किया। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मंदिर निर्माण और शिवलिंग की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने पूजा मंडप में फूल अर्पित कर बिहार की उन्नति की कामना की। डीजीपी विनय कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। सीएम ने फूल अर्पित कर बिहार की उन्नति की कामना की
7 नदियों का पवित्र जल, 500 संत
कैलाश मानसरोवर, गंगोत्री, यमुनोत्री का जल यज्ञशाला में रखा गया। अयोध्या के राजकुमार अपनी टीम के साथ सरयू का जल लेकर पहुंचे। 500 से अधिक साधु-संत इस मौके पर मौजूद रहे। शांभवी व सायन मुख्य यजमान
पूजा में मंदिर संस्थापक स्व. किशोर कुणाल के पुत्र सायन कुणाल और पुत्रवधु, सांसद शांभवी चौधरी मुख्य यजमान बने। आचार्य भवनाथ झा के नेतृत्व में पूजा संपन्न हुई। मंदिर 22
शिखर 12
सबसे ऊंचा शिखर- 270 फीट शिवलिंग… 2 बड़े क्रेन भोपाल से आए। उनकी मदद से शिवलिंग को मंदिर के पीठ पर स्थापित किया गया। विराट रामायण मंदिर क्यों खास है?
-निर्माण पूरा होने पर यह दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर होगा और अंकोरवाट से भी विशाल माना जाएगा।
गिनीज बुक में दर्ज कराने की प्रक्रिया क्या है?
-बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड मंदिर के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद बाद गिनीज बुक को अनुशंसा भेजेगा।
गर्भगृह की क्षमता कितनी होगी?
-गर्भगृह में 10 हजार श्रद्धालु जलाभिषेक कर सकेंगे। मंत्रोच्चार से गूंजा कैथवलिया
शनिवार को कैथवलिया गांव में जश्न का माहौल रहा। सुबह 5 बजे से मंगल गीत गूंजने लगे। महिलाएं, पुरुष और बच्चे मंदिर की ओर बढ़ते दिखे। सुबह 8 बजे यज्ञ मंडप में पूजा शुरू हुई। मंत्रोच्चार की ध्वनि 20 किमी तक सुनाई दी। कई जगह लाइव प्रसारण हुआ। 10 बजे क्रेन से शिवलिंग उठाया गया। 11:50 बजे मुख्य सचिव और डीजीपी का हेलिकॉप्टर उतरा। 12 बजे मुख्यमंत्री पहुंचे। दोपहर 3 बजे हेलिकॉप्टर से शिवलिंग पर पुष्पवर्षा हुई। कैथवलिया में शनिवार को सनातन परंपरा का ऐतिहासिक क्षण साकार हुआ। विराट रामायण मंदिर के गर्भगृह में दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग (33 फीट) की स्थापना की गई। आगम व वैदिक विधि से 21 विद्वान पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच महादेव विराजमान हुए। हर-हर महादेव और जय श्रीराम के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। भोपाल से आए दो बड़े क्रेन की मदद से शिवलिंग को स्थापित किया गया। इससे पहले काशी, अयोध्या और पटना हनुमान मंदिर के पंडितों ने विभिन्न नदियों से लाए गए पवित्र जल से अभिषेक कराया। 64 देवताओं की बेदी पूजा, 1008 शिवलिंग का आह्वान और महाबलीपुरम से आए तांबे व सोने के यंत्र की विधिवत पूजा के बाद सहस्त्रलिंगम को स्थापित किया गया। पूरी प्रक्रिया करीब 20 मिनट में संपन्न हुई।
इस ऐतिहासिक पल के साक्षी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और विजय कुमार चौधरी बने। मुख्यमंत्री दोपहर 12 बजे हेलिकॉप्टर से पहुंचे और शिवलिंग का दर्शन किया। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मंदिर निर्माण और शिवलिंग की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने पूजा मंडप में फूल अर्पित कर बिहार की उन्नति की कामना की। डीजीपी विनय कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। सीएम ने फूल अर्पित कर बिहार की उन्नति की कामना की
7 नदियों का पवित्र जल, 500 संत
कैलाश मानसरोवर, गंगोत्री, यमुनोत्री का जल यज्ञशाला में रखा गया। अयोध्या के राजकुमार अपनी टीम के साथ सरयू का जल लेकर पहुंचे। 500 से अधिक साधु-संत इस मौके पर मौजूद रहे। शांभवी व सायन मुख्य यजमान
पूजा में मंदिर संस्थापक स्व. किशोर कुणाल के पुत्र सायन कुणाल और पुत्रवधु, सांसद शांभवी चौधरी मुख्य यजमान बने। आचार्य भवनाथ झा के नेतृत्व में पूजा संपन्न हुई। मंदिर 22
शिखर 12
सबसे ऊंचा शिखर- 270 फीट शिवलिंग… 2 बड़े क्रेन भोपाल से आए। उनकी मदद से शिवलिंग को मंदिर के पीठ पर स्थापित किया गया। विराट रामायण मंदिर क्यों खास है?
-निर्माण पूरा होने पर यह दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर होगा और अंकोरवाट से भी विशाल माना जाएगा।
गिनीज बुक में दर्ज कराने की प्रक्रिया क्या है?
-बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड मंदिर के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद बाद गिनीज बुक को अनुशंसा भेजेगा।
गर्भगृह की क्षमता कितनी होगी?
-गर्भगृह में 10 हजार श्रद्धालु जलाभिषेक कर सकेंगे। मंत्रोच्चार से गूंजा कैथवलिया
शनिवार को कैथवलिया गांव में जश्न का माहौल रहा। सुबह 5 बजे से मंगल गीत गूंजने लगे। महिलाएं, पुरुष और बच्चे मंदिर की ओर बढ़ते दिखे। सुबह 8 बजे यज्ञ मंडप में पूजा शुरू हुई। मंत्रोच्चार की ध्वनि 20 किमी तक सुनाई दी। कई जगह लाइव प्रसारण हुआ। 10 बजे क्रेन से शिवलिंग उठाया गया। 11:50 बजे मुख्य सचिव और डीजीपी का हेलिकॉप्टर उतरा। 12 बजे मुख्यमंत्री पहुंचे। दोपहर 3 बजे हेलिकॉप्टर से शिवलिंग पर पुष्पवर्षा हुई।  

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