हाल के वर्षों में भारत की संचार व्यवस्था में कई बड़े बदलाव हुए हैं, जिनमें मुख्य रूप से 5जी तकनीक की शुरुआत, ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी का विस्तार और साइबर सुरक्षा पर सरकारी पहल शामिल हैं। प्रमुख बदलाव के तहत 5जी सेवाएं देश के लगभग सभी जिलों में पहुंच चुकी हैं, जिससे हाई-स्पीड इंटरनेट और नई तकनीकों के लिए मार्ग प्रशस्त हुआ है। यह कहना है दूरसंचार विभाग के निर्देशक सुनील प्रसाद का। उन्होंने यह बात दूरसंचार विभाग द्वारा शुक्रवार को संचार मित्र ओरिएंटेशन प्रोग्राम में यह बात कही। कार्यक्रम में एमिटी यूनिवर्सिटी और ट्रिपल आईटी के छात्रों का ध्यान आकृष्ट करते हुए दूरसंचार विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित प्रोग्राम में उन्होंने कहा कि हम जितनी तेजी से डिजिटल की तरफ बढ़ रहे हैं, खतरे भी उतने ही बढ़ रहे हैं। एक जमाने में इनपुट हमारे हाथ में था और आउटपुट विभाग के हाथ में। आज दोनों हमारे ही हाथ में है और कब खतरे भी उतने तेजी से ही बड़े हैं। सरकार की डिजिटल इंडिया पहल और भारतनेट’ परियोजना के तहत ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में ब्रॉडबैंड और 4जी/5जी नेटवर्क पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। विभाग के डिप्टी डायरेक्टर देव शंकर प्रसाद ने बताया कि झारखंड में तीन शहरों रांची में बीआईटी, जमशेदपुर में एनआईटी और धनबाद में आईआईटी में 5जी लैब की स्थापना की गई है। इनके माध्यम से दूरसंचार तकनीक और साइबर सुरक्षा के व्यवहारिक ज्ञान के साथ प्रशिक्षण दिया जा रहा है। युवाओं को अपने समुदायों में डिजिटल लीडर बनने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का अवसर मिलता है। उन्होंने प्रतिभागियों को संचार साथी एप के बारे में विस्तार से जानकारी दी। हाल के वर्षों में भारत की संचार व्यवस्था में कई बड़े बदलाव हुए हैं, जिनमें मुख्य रूप से 5जी तकनीक की शुरुआत, ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी का विस्तार और साइबर सुरक्षा पर सरकारी पहल शामिल हैं। प्रमुख बदलाव के तहत 5जी सेवाएं देश के लगभग सभी जिलों में पहुंच चुकी हैं, जिससे हाई-स्पीड इंटरनेट और नई तकनीकों के लिए मार्ग प्रशस्त हुआ है। यह कहना है दूरसंचार विभाग के निर्देशक सुनील प्रसाद का। उन्होंने यह बात दूरसंचार विभाग द्वारा शुक्रवार को संचार मित्र ओरिएंटेशन प्रोग्राम में यह बात कही। कार्यक्रम में एमिटी यूनिवर्सिटी और ट्रिपल आईटी के छात्रों का ध्यान आकृष्ट करते हुए दूरसंचार विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित प्रोग्राम में उन्होंने कहा कि हम जितनी तेजी से डिजिटल की तरफ बढ़ रहे हैं, खतरे भी उतने ही बढ़ रहे हैं। एक जमाने में इनपुट हमारे हाथ में था और आउटपुट विभाग के हाथ में। आज दोनों हमारे ही हाथ में है और कब खतरे भी उतने तेजी से ही बड़े हैं। सरकार की डिजिटल इंडिया पहल और भारतनेट’ परियोजना के तहत ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में ब्रॉडबैंड और 4जी/5जी नेटवर्क पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। विभाग के डिप्टी डायरेक्टर देव शंकर प्रसाद ने बताया कि झारखंड में तीन शहरों रांची में बीआईटी, जमशेदपुर में एनआईटी और धनबाद में आईआईटी में 5जी लैब की स्थापना की गई है। इनके माध्यम से दूरसंचार तकनीक और साइबर सुरक्षा के व्यवहारिक ज्ञान के साथ प्रशिक्षण दिया जा रहा है। युवाओं को अपने समुदायों में डिजिटल लीडर बनने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का अवसर मिलता है। उन्होंने प्रतिभागियों को संचार साथी एप के बारे में विस्तार से जानकारी दी।


