डूंगरपुर की साइबर थाना पुलिस ने ‘ऑपरेशन साइबर हंट’ अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। खुद को एक नामी निजी बैंक का अधिकारी बताकर लाखों रुपए की ठगी करने वाले एक साइबर ठग को जयपुर से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने डूंगरपुर के एक शिक्षक से लोन की राशि कम करने के नाम पर करीब 3 लाख 47 हजार रुपए ठगे थे। साइबर थाने के सीआई गिरधार सिंह ने बताया कि नेजपुर निवासी शिक्षक दिनेश चंद्र यादव ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित को व्यक्तिगत ऋण की आवश्यकता थी। 9 अक्टूबर को दिनेश चंद्र यादव के फोन पर प्रियांशु शर्मा नामक व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को एक नामी निजी बैंक का अधिकारी बताया और लोन दिलाने का प्रस्ताव दिया। पीड़ित दिनेश ने पर्सनल लोन के लिए सहमति दी। आरोपी के कहने पर पीड़ित ने अपने आवश्यक दस्तावेज प्रियांशु के वॉट्सऐप नंबर पर भेज दिए। आरोपी ने पीड़ित का 21 लाख रुपए की जगह 23 लाख 54 हजार 23 रुपए का लोन पास करवा दिया, जबकि पीड़ित को केवल 21 लाख रुपए की आवश्यकता थी। जब शिक्षक दिनेश ने प्रियांशु से संपर्क कर लोन की राशि कम करवाने की बात कही, तो आरोपी ने बताया कि “ज्यादा पास हुए लोन” की राशि कम करवाने के लिए उन्हें कुछ पैसे वापस जमा करने होंगे। इस झांसे में आकर पीड़ित ने आरोपी द्वारा बताए गए बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते में अलग-अलग किस्तों में कुल 3 लाख 47 हजार 927 रुपए जमा कर दिए। पैसे मिलने के बाद आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया, जिसके बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। पीड़ित की रिपोर्ट पर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी को जयपुर से गिरफ्तार किया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस टीम ने साइबर डेटा और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर जाल बिछाया और आरोपी दिनेश चंद्र शर्मा उर्फ प्रियांशु शर्मा को जयपुर से गिरफ्तार किया। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है और इन्होंने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।


